*कृषि आधारित उद्यमों से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें युवा– कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति*
*कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों का कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने किया अवलोकन*
*सरल योजना के तहत 30 ग्रामीण युवाओं ने लिया तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण*
*प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं मशरूम उत्पादन किट का किया गया वितरण*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा का भ्रमण कर केन्द्र में संचालित विभिन्न कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने केन्द्र के प्रक्षेत्र में चल रहे बीज उत्पादन कार्यक्रम, मातृवाटिका, नर्सरी, समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत मशरूम उत्पादन, बतख सह मछली उत्पादन इकाई, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, मुर्गी पालन, बटेर पालन, सोयाबीन प्रसंस्करण इकाई एवं बीज प्रक्रिया केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने कलेक्टर को केन्द्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों, तकनीकी प्रदर्शनों तथा किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
*वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर कृषि को बनाएं आजीविका का मजबूत आधार– कलेक्टर*
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति निरक्षण के बाद कृषि विज्ञान केन्द्र में ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित आजीविका से जोड़ने एवं उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से सरल (SARAL) योजनांतर्गत आयोजित तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में शामिल हुई। प्रशिक्षण में कबीरधाम जिले के 30 ग्रामीण युवा प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से परिचर्चा कर प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी, मशरूम उत्पादन में उनकी रुचि तथा इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाने की उनकी योजनाओं के संबंध में चर्चा की।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने युवा प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं उपलब्ध हैं। युवा इन अवसरों का उपयोग कर अपनी आजीविका को मजबूत करने के साथ स्वयं का व्यवसाय भी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यवहार में अपनाने तथा मशरूम उत्पादन को आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा युवाओं के कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मशरूम उत्पादन सहित कृषि एवं संबद्ध उद्यमों पर अधिक से अधिक प्रशिक्षण आयोजित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र और मशरूम उत्पादन किट का वितरण
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी 30 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं मशरूम उत्पादन किट का वितरण किया। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि इसका उपयोग अपने क्षेत्र में आजीविका के साधन के रूप में करें। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक के साथ उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन, स्वच्छता एवं जैव-सुरक्षा, उत्पादन प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन, मशरूम प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, भंडारण तथा विपणन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में युवाओं को मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को वैज्ञानिक तकनीक से मशरूम उत्पादन एवं इससे जुड़े उद्यमों के लिए आवश्यक कौशल प्रदान कर उन्हें कृषि आधारित आजीविका एवं स्वरोजगार से जोड़ना रहा।
इस अवसर पर उपसंचालक कृषि, जिला कबीरधाम श्री अमित कुमार मोहंती ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. परिहार, डॉ. टी.एस. सोनवानी, डॉ. एन.सी. बंजारा, डॉ. सी.पी. राहंगडाले तथा कार्यक्रम सहायक श्री योगेश कुमार कौशिक उपस्थित रहे। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय डॉ. सी.पी. राहंगडाले द्वारा किया गया।





