गयाजी। पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालु इन दिनों गयाजी पहुंच रहे हैं। फल्गु नदी के तट और विभिन्न वेदियों पर पिंडदान एवं तर्पण का सिलसिला जारी है।
इसी क्रम में शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की बहू और सामाजिक कार्यकर्ता स्मिता ठाकरे भी गयाजी पहुंचीं। उन्होंने अपने ससुर बाला साहेब ठाकरे और पिता मधुकर चितरे के लिए श्राद्ध एवं पिंडदान किया।
गयपाल तीर्थ पुरोहित चौधरी जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। इस दौरान स्मिता ठाकरे ने बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर सामने रखकर विधि-विधान से पितरों का तर्पण किया।
बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर रखकर किया पिंडदान
पिंडदान के दौरान स्मिता ठाकरे काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि गयाजी की इस पवित्र भूमि पर आकर अपने पितरों के लिए तर्पण करना उनके लिए भावुक और सौभाग्यपूर्ण क्षण है।लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि वह मोक्ष की इस भूमि पर पहुंचकर अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध करें। उन्होंने कहा कि गुरु के आशीर्वाद से उनकी यह इच्छा अब पूरी हुई है। गयाजी में पिंडदान करने से उन्हें आत्मिक संतोष मिला है।
पितृपक्ष में गयाजी पहुंच रहे देश-विदेश से श्रद्धालु
पितृपक्ष के दौरान गयाजी में पिंडदान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गया में पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यही वजह है कि पितृपक्ष में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गयाजी आने वाले श्रद्धालु फल्गु नदी के तट समेत विभिन्न पिंडवेदी पर अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैंइन दिनों विष्णुपद मंदिर और आसपास के पिंडवेदी क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखी जा रही है। स्मिता ठाकरे के गयाजी पहुंचकर पिंडदान करने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा रही।





