*सुदूर वनांचल क्षेत्र बांटीपथरा से पढ़ियाधरान तक पहुंची पक्की सड़क, ग्रामीणों का सफर हुआ आसान*
*प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली वनांचल की तस्वीर*
कवर्धा, जुलाई 2026। कभी बरसात के दिनों में कीचड़ और दुर्गम रास्तों से जूझने वाले कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण आज पक्की सड़क पर सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ ले रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत वनांचल क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग द्वारा कबीरधाम जिले के कवर्धा विधानसभा अंतर्गत ग्राम बांटीपथरा से पढ़ियाधरान तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण 143.82 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इस सड़क से जुड़े ग्राम में लगभग 135 बसाहटें हैं, जिन्हें अब वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। सड़क निर्माण से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। इस सड़क के निर्माण से वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का समाधान हुआ है और ग्रामीणों का जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
ग्राम बांटीपथरा, पढ़ियाधरान निवासी श्री राजेन्द्र कुमार मरकाम बताते हैं कि पहले गांव से बाहर निकलना बेहद कठिन था। बरसात के मौसम में कीचड़ और खराब रास्तों के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सड़क बनने के बाद अब स्कूल, अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन सहज हो गया है। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी गांव के निवासी श्री नन्हें सिंह मरकाम कहते हैं कि पहले बांटीपथरा से पढ़ियाधरान तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था। ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन में परेशानी हो जाता था। आज पक्की सड़क बनने से गांव की तस्वीर बदल गई है। अब लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान हुई है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण विकास को नई गति दे रहा है। बांटीपथरा से पढ़ियाधरान तक बनी यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन और विकास की नई उम्मीद का प्रतीक बन गई है।





