*भोरमदेव पदयात्रा की तैयारी जोरों-शोरों से*
*पदयात्रा को ऐतिहासिक यात्रा बनाने के लिए जुटा शासन-प्रशासन और जनसमुदाय*
*बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पदयात्रा में कांवड़ियों और पदयात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों में होगी विश्राम, स्वागत और जलपान की व्यवस्था*
*कलेक्टर ने भोरमदेव पदयात्रा की तैयारियों को लेकर जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्लब, संघ एवं समाजों के अध्यक्षों एवं प्रमुखों की बैठक लेकर लिए सुझाव*
कवर्धा, जुलाई 2026। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन महीने के प्रथम सोमवार 03 अगस्त को ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातत्व एवं पर्यटन महत्त्व स्थल भोरमदेव पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा बुढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से सबेरे 7 बजे से शुरू होगी। उपमुख्मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भोरमदेव पदयात्रा की तैयारी जोरो शोरो से की जा रही है। पदयात्रा को ऐतिहासिक पदयात्रा बनाने के लिए शासन-प्रशासन सहित जनसमुदाय और विभिन्न संगठन जुटे हुए है। कलेक्टर श्री वर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में श्रावण मास के प्रथम सोमवार 3 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली पारंपरिक बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक पदयात्रा की तैयारियों को लेकर जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्लब, संघ एवं समाजों के अध्यक्षों एवं प्रमुखों की बैठक लेकर आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए उनके सुझाव लिए। बैठक में कवर्धा से भोरमेदव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पदयात्रा में कांवडियों और पदयात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जलपान, शरबत, चाय नाश्ते की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि भोरमदेव पदयात्रा में श्रद्धालु उत्साह से भाग लेते है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कवर्धा सहित आसपास के सभी नागरिक इस पदयात्रा में शामिल होकर भव्य बनाएं। उन्होंने कहा कि आयोजन के संबंध में पूर्व वर्षो की भांति इस वर्ष भी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। इस दौरान विभिन्न संस्था के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखें। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, पार्किग, पदयात्रा के रास्ते में पड़ने वाले ग्राम पंचायतों द्वारा रास्ते की साफ-सफाई एवं स्वागत द्वार बनाने, पेयजल, सुलभ शौचालयों की साफ-सफाई, रास्ते में जगह-जगह आपात चिकित्सा व्यवस्था, डीजे व्यवस्था तथा पदयात्रियों के लौटने के लिए निःशुल्क बसों की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में भोरमदेव पदयात्रा के गरिमामय आयोजन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातत्व एवं पर्यटन महत्त्व स्थल भोरमदेव मंदिर के लिए के लिए आयोजित पदयात्रा को भव्य रूप देने के लिए अधिकारियों को दायित्व भी सौंपे हैं। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर कांवड़ियों और पदयात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों जोरो-शोरो से की जा रही है। पदयात्रियों के लिए बुढ़ा महादेव मंदिर से लेकर भोरमदेव मंदिर प्रांगण तक ठहरने की व्यवस्था, पूजा अर्चना की व्यवस्था, वाटरप्रुफ पण्डाल, पेयजल, चाय, नाश्ता, आपात चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किग व्यवस्था सहित सभी प्रकार की तैयारियां की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणजन द्वारा भी जलपान की व्यवस्था तथा पदयात्रियों, कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, एसडीएम श्री सागर सिंह राज व श्री चेतन साहू, तहसीलदार श्री परमेश्वर मंडावी, श्री प्रमोद चंद्रवंशी और श्री हुलेश्वर पटेल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार तथा विभिन्न क्लब, संघ एवं समाज के अध्यक्षों एवं प्रमुख उपस्थित थे।
*बस सेवा की विशेष व्यवस्था, वाहनों के लिए निर्धारित होंगे वैकल्पिक मार्ग*
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि श्रावण माह की भोरमदेव पदयात्रा के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोरमदेव से कवर्धा तक निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी पदयात्रियों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में बसों की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को वापस लौटने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। नागरिकों ने सुझाव दिया कि पदयात्रा के दौरान दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की आवाजाही से श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। इस सुझाव पर सहमति जताते हुए प्रशासन ने पदयात्रियों की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए सुबह से दोपहर तक समनापुर से ग्राम चैरा मार्ग भोरमदेव तक सभी प्रकार के दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रखने, पदयात्रा 03 अगस्त को आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए कवर्धा से सरोधा रोड को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।
*कांवड़ियों और पदयात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों में होगी विश्राम और जलपान की व्यवस्था*
पदयात्रा को ऐतिहासिक पदयात्रा बनाने के लिए जनसमुदाय और विभिन्न संगठन जुटे हुए है। भोरमदेव पदयात्रा के प्रति वर्ष बढ़ते उत्साह को ध्यान में रखते हुए पदयात्रियों के लिए 18 किलोमीटर की इस पदयात्रा में अलग-अलग स्थानों पर पेयजल, नाश्ता, नीबू शरबत और चाय की विशेष व्यवस्था होगी। इस व्यवस्था में जिला प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न संगठनों व समाजिक संगठन भी जुटे हुए है। इसके साथ ही सावन माह के प्रत्येक सोमवार को ज्वाइन हैंड्स ग्रुप द्वारा भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भंडारा और प्रसादी वितरण किया जाएगा।
*श्रद्धालु और कांवड़ियों को मिलेगी सुविधा*
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर अमरकंटक से आने वाले कांवड़ियों के विश्राम के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कवर्धा के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर के समीप अलग-अलग सामाजिक भवन व विशेष वाटर फ्रुप टेंट लगाकर विश्राम शिविर बनाएं जाएंगे। श्रद्धालु और कांवड़ियों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन के पूरा अमले को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही बूढ़ा महादेव मंदिर से लेकर भोरमदेव मंदिर तक स्वास्थ शिविर की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर ने सीएमएचओं को चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए इसके अलावा इस मार्ग में आने वाले सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को श्रद्धालु एवं कांवड़ियों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुचाने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश भी दिए गए है। कांवड़ियों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए समनापुर से भोरमदेव मार्ग पर सड़क के दोनों ओर शोल्डर का सुधार कार्य कराया जाएगा।
*पदयात्रा में झांकियों का होगा मोहक प्रदर्शन, समनापुर से भोरमदेव तक होगी प्रकाश व्यवस्था*
भोरमदेव पदयात्रा को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं सांस्कृतिक स्वरूप देने के लिए विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। पदयात्रा मार्ग पर भगवान शिव, भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं एवं सामाजिक संदेशों पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का भी मनोहारी प्रदर्शन किया जाएगा। श्रावण माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात्रि के समय भी कांवड़ यात्रा करते हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए समनापुर से भोरमदेव मंदिर मार्ग पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे रात्रिकालीन कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए पुलिस निरीक्षण दल को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए है।




