हिंदी सिनेमा के लीजेंडरी फीमेल प्लेबैक सिंगर के बारे में जिक्र किया जाए तो उसमें अनुराधा पौडवाल का नाम जरूर शामिल होता है। अपनी मधुर आवाज के दम पर दशकों तक श्रोताओं के दिल को सुकून पहुंचाने वालीं अनुराधा से जुड़ा एक ऐसा किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद ही आपको पहले मालूम होगा।
अनुराधा पौडवाल ने अपने करियर में एक गाना ऐसा गया था, जिसके बाद निर्माता गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) तीन अलग-अलग मूवीज का निर्माण करना पड़ा था।
अनुराधा पौडवाल का वो यादगार गीत
आमतौर पर देखा जाता है गाने फिल्म की कहानी और परिस्थितियों के अनुसार लिखे और रिकार्ड किए जाते हैं। हालांकि, गायिका अनुराधा पौडवाल के गाने सुनने के बाद कैसेट किंग के नाम से प्रख्यात टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार ने तीन फिल्में बना डाली थी।अनुराधा बताती हैं- पहले गुलशन जी कैसेटों की ज्यादा बिक्री के लिए गानों के अलग-अलग वर्जन रिकार्ड करते थे। एक दिन मैंने कहा कि आप इन कैसेटों में अच्छे और ओरिजिनल गाने क्यों नहीं डालते। वो बोले कि ओरिजनल कौन देगा। फिर मैंने कहा कि सिर्फ एक एल्बम के लिए मुझ पर भरोसा दिखाइए। उसके बाद मैं आनंद-मिलिंद के पास गई। उन्होंने मजरूह साहब को बुलाया।फिर इस तरह जो पहला गाना बना वो था, क्या करते थे साजना… (Kya Karte The Sajna)। इसके साथ एक और गाना एक शिफ्ट में ही रिकार्ड कर लिया गया था। उन्होंने रेडियो पर भी इन गानों को चलवाया, जहां गाने तुरंत हिट हो गए।
फिर गुलशन जी ने बोला कि दस गाने हैं 10-10 मिनट के हैं, उनके बीच में थोड़ी-थोड़ी कहानी डालकर उसकी एक फिल्म बना दो। इसी तरह से सिर्फ गाने चलाने के लिए तीन फिल्में को बनाया गया, जिनके नाम इस प्रकार हैं-
लाल दुपट्टा मलमल का (Lal Dupatta Malmal Ka- 1989)
जीना तेरी गली में (Jeena Teri Gali Mein- 1991)
आई मिलन की रात (Ayee Milan Ki Raat- 1991)
अनुराधा पौडवाल के गाने
बतौर गायिका अनुराधा पौडवाल का करियर काफी शानदार रहा है। अपने सिंगिंग करियर में उन्होंने करीब 9 हजार गानों को अपनी आवाज दी है। जिसमें 1500 के करीब भजन हैं, जिनमें अधिकतर भजन अनुराधा ने गुलशन कुमार की टी सीरीज के बैनर तले गाए हैं।





