भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2023 बैच के अधिकारी मोइन अहमद मंसूरी आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का हौसला रखते हैं. कभी जीविका चलाने के लिए साइबर कैफे चलाने वाले मोइन अहमद मंसूरी ने अभावों के बीच भी अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा. वे बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लेकर अफसर बनने का सपना लेकर दिल्ली आए थे.
शुरुआती राह आसान नहीं थी और वे लगातार तीन बार संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण नहीं कर पाए. इसके बावजूद, उन्होंने न तो हिम्मत हारी और न ही अपनी मेहनत में कोई कमी आने दी. आखिर में अपने चौथे प्रयास में वे सफल रहे और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एसडीएम के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. पश्चिम बंगाल कैडर के इस होनहार आईएएस अधिकारी की सक्सेस स्टोरी के अब चर्चा में आने की वजह यह है कि 4 जुलाई 2026 को उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है. इस पोस्ट के जरिए उन्होंने जलपाईगुड़ी सदर के नए एसडीएम और एसडीओ के रूप में कार्यभार संभालने की जानकारी देते हुए अपनी खुशी व्यक्त की. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा-SDO & SDM, Sadar Jalpaiguri😊. इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं.इस मुकाम पर पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने बचपन से ही गरीबी का एक लंबा और कड़ा दौर देखा है. सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उन्हें लगातार कई असफलताओं का सामना करना पड़ा. वे उन दिनों को कभी नहीं भूल सकते, जब उन्हें अपनी पढ़ाई और घर का खर्च चलाने के लिए साइबर कैफे का संचालन करना पड़ता था. यूपीएससी की लंबी तैयारी के दौरान उनकी सारी जमापूंजी समाप्त हो गई थी, जिसके बाद संकट के उस दौर में उन्हें अतिया फाउंडेशन से महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्राप्त हुई.





