जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने जारह में निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत सबस्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को जल्द गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सके।
निरीक्षण के दौरान विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि भूमि चयन और अंतिम स्वीकृति में लगे समय के कारण परियोजना में कुछ विलंब हुआ था। हालांकि, अब निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने जानकारी दी कि 33 केवी और 11 केवी लाइन से संबंधित लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और शेष कार्य भी तीव्र गति से कराया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता के अनुसार जारह विद्युत सबस्टेशन के चालू होने से क्षेत्र के लगभग 1500 विद्युत उपभोक्ताओं और 15 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में, विशेषकर रबी सीजन में, किसानों को कम वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित होते हैं। नया सबस्टेशन इन समस्याओं में काफी सुधार लाएगा।
राज्य सरकार इस परियोजना पर लगभग दो करोड़ रुपए खर्च कर रही है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हो जाएगी।
33/11 केवी सबस्टेशन विद्युत ऊर्जा को 33 केवी वोल्टेज पर कम धारा के साथ लंबी दूरी तक पहुंचाने में सक्षम होगा, जिससे लाइन हानियों में कमी आएगी। यह सबस्टेशन 33 केवी विद्युत को 11 केवी में परिवर्तित कर गांवों, कस्बों और स्थानीय उपभोक्ताओं तक सुचारू वितरण सुनिश्चित करेगा।
इसके अतिरिक्त आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से फॉल्ट होने पर प्रभावित हिस्से को तुरंत अलग किया जा सकेगा, जिससे बिजली कटौती की घटनाएं कम होंगी। भविष्य में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त फीडर और ट्रांसफार्मर जोड़ने का प्रावधान भी होगा। अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था लंबी दूरी पर बिजली वितरण को अधिक किफायती और प्रभावी बनाएगी।





