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समुद्र में गिरती है बिजली तो क्यों नहीं मर जाती हैं मछलियां? यहां झूठा साबित हो जाता है साइंस!

पहली नजर में यह बात विज्ञान के खिलाफ लग सकती है, लेकिन असल में इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण छिपा है. दरअसल, बिजली हमेशा उस रास्ते को चुनती है, जहां उसे सबसे कम रुकावट मिले. इसे “पाथ ऑफ लीस्ट रेजिस्टेंस” यानी न्यूनतम प्रतिरोध का सिद्धांत कहा जाता है. जब बिजली समुद्र की सतह पर गिरती है, तो वह सीधे गहराई में जाने के बजाय चारों तरफ सतह पर फैल जाती है. समुद्री पानी, खासकर खारा पानी, बहुत अच्छा कंडक्टर होता है. इसी वजह से बिजली की ऊर्जा बहुत तेजी से एक बड़े क्षेत्र में फैल जाती है.

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इस प्रक्रिया में बिजली की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो जाती है, क्योंकि वह एक ही जगह केंद्रित रहने के बजाय फैल जाती है. यही कारण है कि समुद्र की गहराई में रहने वाले जीवों तक यह करंट उतनी ताकत से नहीं पहुंच पाता. मछलियां आमतौर पर समुद्र की गहराई में रहती हैं, जहां तक बिजली का सीधा असर नहीं पहुंचता. इसलिए वे इस प्राकृतिक घटना से सुरक्षित रहती हैं. हालांकि, अगर कोई मछली या जीव उस समय सतह के बहुत करीब हो, जब बिजली गिरती है, तो उसे नुकसान जरूर हो सकता है.

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विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के गिरने के बाद उसकी ऊर्जा कुछ ही मीटर की गहराई तक प्रभावी रहती है. इसके बाद उसका असर काफी कम हो जाता है. इसीलिए समुद्र की गहराई में रहने वाले ज्यादातर जीव इस खतरे से बच जाते हैं. इससे यह भी समझ में आता है कि प्रकृति ने जीवों को इस तरह से डिजाइन किया है कि वे अपने वातावरण के अनुसार खुद को सुरक्षित रख सकें। समुद्री जीवों का गहराई में रहना भी एक तरह से उनकी सुरक्षा का ही हिस्सा है.
कुल मिलाकर, समुद्र में बिजली गिरने के बावजूद मछलियों का सुरक्षित रहना कोई रहस्य नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है.इस प्रक्रिया में बिजली की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो जाती है, क्योंकि वह एक ही जगह केंद्रित रहने के बजाय फैल जाती है. यही कारण है कि समुद्र की गहराई में रहने वाले जीवों तक यह करंट उतनी ताकत से नहीं पहुंच पाता. मछलियां आमतौर पर समुद्र की गहराई में रहती हैं, जहां तक बिजली का सीधा असर नहीं पहुंचता. इसलिए वे इस प्राकृतिक घटना से सुरक्षित रहती हैं. हालांकि, अगर कोई मछली या जीव उस समय सतह के बहुत करीब हो, जब बिजली गिरती है, तो उसे नुकसान जरूर हो सकता है.विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के गिरने के बाद उसकी ऊर्जा कुछ ही मीटर की गहराई तक प्रभावी रहती है. इसके बाद उसका असर काफी कम हो जाता है. इसीलिए समुद्र की गहराई में रहने वाले ज्यादातर जीव इस खतरे से बच जाते हैं. इससे यह भी समझ में आता है कि प्रकृति ने जीवों को इस तरह से डिजाइन किया है कि वे अपने वातावरण के अनुसार खुद को सुरक्षित रख सकें। समुद्री जीवों का गहराई में रहना भी एक तरह से उनकी सुरक्षा का ही हिस्सा है.
कुल मिलाकर, समुद्र में बिजली गिरने के बावजूद मछलियों का सुरक्षित रहना कोई रहस्य नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है

Manoj Mishra

Editor in Chief

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