लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और फर्जी बैनामों के माध्यम से भूखंडों को हड़पने के आरोपों में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने निरस्त कर दिया है।
सरकारी वकील अभय कुमार त्रिपाठी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए बताया कि इस मामले में वादी संजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत सूचना के आधार पर 30 सितंबर 2025 को थाना तालकटोरा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वादी ने शिकायत में क्या बताया?
वादी संजय शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनाधिकृत धन कमाया और खरगापुर में स्थित भूखंडों को ममता गृह निर्माण समिति के सचिव डीकर सिंह बिष्ट से सांठ-गांठ कर वर्ष 1999 में ही बेचे जा चुके भूखंडों को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम बैनामा करवा दिया। इसके बाद अभियोग की विवेचना हेतु पुलिस उपायुक्त पश्चिम के आदेश पर एसआईटी का गठन किया गया।शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी अमिताभ ठाकुर से जब उनके पारिवारिक सदस्यों की सूची मांगी गई तो उनके द्वारा जांच अधिकारियों को धमकी दी गई तथा तत्कालीन आईजी तनूजा श्रीवास्तव को भी धमकी भरा पत्र लिखा। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर विवेचना को थाना गोमती नगर विस्तार में स्थानांतरित कर दिया गया।





