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कबीरधाम का जिला अस्पताल बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कबीरधाम जिला अस्पताल ने बदली अपनी तस्वीर

रायपुर। कबीरधाम जिले का जिला अस्पताल अब केवल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और बेहतर चिकित्सा सेवाओं का मजबूत प्रतीक बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में जो उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उसने न केवल जिले के लोगों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि निजी अस्पतालों के सामने भी एक सशक्त विकल्प के रूप में इसे स्थापित किया है।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयास, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग हर प्रमुख स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अस्पताल की कार्यप्रणाली, संसाधनों और सेवाओं की गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।

ओपीडी और आईपीडी में रिकॉर्ड वृद्धि
जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक ओपीडी  में मरीजों की संख्या 1,19,557 रही, वहीं जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 1,64,712 तक पहुंच गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक की वृद्धि है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब जिला अस्पताल की सेवाओं पर अधिक भरोसा जता रहे हैं। इसी तरह आईपीडी के आंकड़ों में भी वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2023 में जहां 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,253 हो गई। यह दर्शाता है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी लोग अब निजी अस्पतालों की बजाय जिला अस्पताल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रसव सेवाओं में भी आया सुधार
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी जिला अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023 में जहां 3,001 प्रसव हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई। इससे प्रतीत होता है कि इसमें वृद्धि से अस्पताल में मातृत्व सेवाएं अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक बनी हैं।

सोनोग्राफी सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक सोनोग्राफी सेवाओं में हुआ सुधार है। वर्ष 2023 में जहां केवल 874 सोनोग्राफी हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 तक पहुंच गई। यह लगभग आठ गुना वृद्धि है, जो न केवल उपकरणों की उपलब्धता बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीशियनों की बेहतर व्यवस्था को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है।

एक्स-रे , सिटी स्कैन और लैब टेस्ट में भी तेजी
एक्स-रे सेवाओं के तहत 2023 में 9,865 एक्स-रे किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,920 हो गई। इससे स्पष्ट है कि डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। लैब टेस्ट के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं। वर्ष 2023 में जहां 2,10,186 जांचें की गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,62,113 हो गई। यह लगभग डेढ़ गुना वृद्धि है, साथ ही साथ जुलाई 25 से अब तक 1462 लोगों का सिटी स्कैन किया गया है। यह बताती है कि अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाएं और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मोतियाबिंद ऑपरेशन में भी वृद्धि
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी जिला अस्पताल ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2023 की तुलना में 2025 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन 216 अधिक किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि नेत्र रोगियों को भी अब बेहतर और सुलभ उपचार मिल रहा है।

उप मुख्यमंत्री के सतत प्रयास से मिली बेहतर सुविधा
जिले के विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। उन्होंने न केवल अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। उनकी प्राथमिकता में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार हमेशा शीर्ष पर रहा है।

डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका
जिला अस्पताल के निष्ठावान डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत इस सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है। संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है। डॉक्टरों की तत्परता, नर्सिंग स्टाफ की देखभाल और अन्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता ने मिलकर अस्पताल की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।

अस्पताल में बेहतर संसाधन उपलब्ध
जिला अस्पताल की बेहतर सेवाओं, आधुनिक उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों बेहतर संसाधन से निःशुल्क बेहतर इलाज मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

भविष्य की संभावनाएं
जिला अस्पताल कबीरधाम की यह सफलता सिर्फ आज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार कर रही है। नई तकनीकों का उपयोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार ये सभी कदम इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिला अस्पताल की प्रगति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे, बेहतर इलाज और कर्मचारियों की मेहनत की कहानी है। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव, सोनोग्राफी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, लैब जांच और ऑपरेशन हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। यह अस्पताल सिर्फ कबीरधाम जिले के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए भी जीवन रेखा बन गया है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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