नेपाल सीमा से सटे ककरहवा कस्बे में पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित भव्य स्वागत द्वार अब इस क्षेत्र की नई पहचान बनता जा रहा है। लुम्बिनी से कपिलवस्तु को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय महत्व के मार्ग पर बना यह द्वार पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा हैयह स्वागत द्वार केवल प्रवेश चिन्ह भर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संदेशवाहक के रूप में सामने आया है। द्वार पर एक ओर गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर की आकर्षक तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चित्र अंकित है, तो दूसरी ओर कुशीनगर के प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप की छवि के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो दर्शाया गया है।इससे यह द्वार हिंदू और बौद्ध आस्था के संगम का प्रतीक बन गया है। दरअसल, लुम्बिनी (नेपाल) से कपिलवस्तु जाने वाले देशी-विदेशी पर्यटक इसी मार्ग से गुजरते हैं। भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु यहां नौ किलोमीटर पर और जन्मस्थली लुम्बिनी भी नौ किलोमीटर पर है।
0 2,500 1 minute read





