जिले में मंगलवार से बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू हो गया। बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा के साथ ही सीबीएसई बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा भी शुरू हुई। बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शहर के 27 सहित जिले के 55 केंद्रों पर दो शिफ्टों में शुरू हुई। 17 से 24 फरवरी तक आयोजित मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन दोनों शिफ्टों में मातृभाषा हिन्दी, उर्दू, बांग्ला, मैथिली आदि विषयों की परीक्षा हुई। किसी भी केंद्र से गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली। पहले दिन की परीक्षा को लेकर सुबह 7.30 बजे से ही परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया।
आठ बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश शुरू हुआ। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई, फिर उन्हें प्रवेश दिया गया। साफ, स्वच्छ व पारदर्शी परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड में रही। आदर्श परीक्षा केंद्र विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व संत तेरेसा बालिका प्लस टू विद्यालय में परीक्षार्थियों को बेहतर फिल कराने की सभी तैयारियां की गई थी। मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन जिले के सभी 55 केंद्रों पर दोनों ही शिफ्टों में 855 परीक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। पहले शिफ्ट में 27625 परीक्षार्थियों की जगह 27173 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, 452 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरे शिफ्ट में 27643 की जगह 27273 ने परीक्षा दी। 370 परीक्षार्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे।
बिहार बोर्ड के परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले गेट बंद हो जाने के स्पष्ट दिशा-निर्देश के बावजूद शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर कुछ परीक्षार्थी विलंब से पहुंचे। इसकी वजह से करीब दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं की परीक्षा छुट गई। शहर के आमना उर्दू परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएं परीक्षा छूटने की वजह से रोती-बिलखती मिली। छात्राओं ने कहा कि जाम की वजह से वे विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंची, जहां उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसकी वजह से उनकी परीक्षा छुट गई है। यहीं हाल कुछ अन्य केंद्रों की भी रही। जहां विलंब से पहुंचने की वजह से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं जाने दिया गया और उनकी परीक्षा छुट गई। परीक्षा छूटने के बाद छात्र-छात्राएं केंद्र के बाहर रोते नजर आए।
मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन शहर में जगह-जगह लगा जाम परीक्षार्थियों की परेशानी का सबब बना। जाम की वजह से कई परीक्षार्थियों की परीक्षा भी छुट गई। शहर के छावनी, राज देयोढ़ी, अस्पताल रोड, स्टेशन चौक, पुरानी गुदरी सहित आधा दर्जन से अधिक चौक-चौराहों पर जाम की स्थिति बनती बिगड़ती रही। जाम में फंसने की वजह से परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों व अभिभावकों को पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर मंगलवार को बेतिया कुमारबाग रेलखंड दोहरीकरण कार्य का ट्रायल होने से वैसे तो सामान्य ट्रेनों का परिचालन ठप रहा, लेकिन स्पेशल ट्रेन, टावर भान व मोटर ट्राली की दिन भर आवाजाही जारी रही। इसकी वजह से बार-बार रेलवे ढाला खुलते बंद होते रहे। सुबह में बारीटोला, रेलवे स्टेशन पूर्वी व पश्चिमी ढाला के साथ छावनी ढाला से गुजरने वाले परीक्षार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। पहली शिफ्ट वाले परीक्षार्थी अधिक परेशान हुए। परीक्षा को लेकर शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई थी, लेकिन परीक्षार्थियों की भीड़ के आगे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था घुटने टेकती नजर आयी।





