तमिलनाडु पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के प्रमुख रहे और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। विजय कुमार (74) तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। वह वर्ष 2012 में सेवा से सेवानिवृत्त हुए थेसरकारी प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि बेंगलुरु और चेन्नई में रह रहे कुमार जंगल युद्ध और उग्रवाद-रोधी अभियानों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें नक्सलियों और वीरप्पन के खिलाफ बड़े अभियानों तथा स्ट्रेटजिक पुलिसिंग के प्रमुख शिल्पकार के रूप में योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। सीआरपीएफ के महानिदेशक के रूप में कार्यकाल के दौरान, नवंबर 2011 में पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के कमांडो ने माओवादी नेता किशनजी को मार गिराया था।वह तमिलनाडु पुलिस के उस विशेष कार्य बल के प्रमुख रहे जिसने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को ढेर किया था। इसके अलावा, वह चेन्नई के पुलिस आयुक्त और कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अब वह बेंगलुरु और चेन्नई में हैं।वीरप्पन को वर्ष 2004 में कोकून नामक एक सुनियोजित अभियान में मार गिराया गया था, जिसका नेतृत्व कुमार ने किया था। इस अभियान पर उन्होंने वीरप्पन: चेज़िंग द ब्रिगैंड नामक पुस्तक भी लिखी है, जिसका विमोचन 2017 में किया गया था।तमिलनाडु के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. विजय कुमार सुपर कॉप नाम से लोकप्रिय हैं। उन्होंने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) में सेवा दी और दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सुरक्षा प्रदान की। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के लिए स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) का गठन किया और उसका नेतृत्व किया। तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के अधिकारी 2012 में सेवानिवृत्त हुए।
0 2,500 1 minute read





