पूरे देश ने गणतंत्र दिवस का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। हालांकि सुबह के समय धूप खिली रही, लेकिन अब मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ (WD) सक्रिय हो रहा है, जिसकी वजह से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बादलों का जमावड़ा शुरू हो गया है। दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में भी दोपहर के बाद से बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और रात तक या कल सुबह तक बारिश की संभावनाएं बन रही हैं।
दोस्तो, तापमान की बात करें तो आज कई जगहों पर पारा जमाव बिंदु (Freezing Point) के करीब पहुंच गया। राजस्थान के सीकर में तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे खेतों में ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमी नजर आईं। पिलानी, अलवर और हिसार जैसे इलाकों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिल्ली के सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से काफी नीचे है। पहाड़ों की बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठिठुरन और बढ़ गई है।
कल 27 जनवरी को मौसम काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक भारी हिमपात की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों जैसे ग्वालियर, नीमच और रतलाम में भी बादल बरस सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में हालांकि अभी मौसम शुष्क है, लेकिन वहां भी ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा





