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शीतलहर का असर, 8वीं तक के स्कूल इस तारीख तक बंद

उत्तर प्रदेश में इस समय सर्दी ने अपना सबसे विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ती ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर छोटे बच्चों की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया है। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को राहत देते हुए छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी गई है, ताकि बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।

उत्तर प्रदेश में ठंड का बढ़ता असर

बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता भी काफी कम हो गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी नीचे माना जा रहा है। इस तरह की ठंड में छोटे बच्चों का सुबह-सुबह स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अस्पतालों में बच्चों की संख्या बढ़ती देखी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों में अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया है।

प्रयागराज में 15 जनवरी तक स्कूल बंद

प्रयागराज जिले में ठंड और कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जारी निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश सभी बोर्डों से जुड़े स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और अत्यधिक ठंड में उन्हें स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए फिलहाल पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी जा रही है।

अन्य जिलों में भी स्थिति पर नजर

केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि राज्य के कई अन्य जिलों में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। कई जगहों पर पहले ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को बंद किया जा चुका है। कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने हालात की समीक्षा के बाद अपने स्तर पर छुट्टियां घोषित की हैं। वहीं कुछ जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव कर सुबह की कक्षाएं स्थगित की गई हैं।

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को देखते हुए उचित निर्णय लें। जहां ठंड ज्यादा है, वहां बच्चों को स्कूल आने से राहत दी जाए।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए क्या नियम हैं

हालांकि छात्रों के लिए स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और प्रशासनिक स्टाफ को लेकर अलग निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार स्कूल बंद रहने के बावजूद शिक्षक और कर्मचारी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेंगे।

इस दौरान वे शैक्षणिक रिकॉर्ड अपडेट करने, पाठ्यक्रम की योजना बनाने, परीक्षा से जुड़ी तैयारियां करने और अन्य प्रशासनिक कार्यों को पूरा करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे मौसम सामान्य होते ही पढ़ाई को बिना किसी रुकावट के फिर से शुरू किया जा सकेगा और छात्रों का शैक्षणिक नुकसान भी कम होगा

मुख्यमंत्री के निर्देश और राज्य स्तरीय फैसला

मुख्यमंत्री द्वारा पहले ही सर्दी और शीतलहर को लेकर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। पहले चरण में इंटरमीडिएट तक के स्कूल और कॉलेज बंद किए गए थे। बाद में जब ठंड और बढ़ गई, तो स्थिति की समीक्षा के बाद कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाकर 15 जनवरी तक कर दी गईं।

सरकार का स्पष्ट कहना है कि छोटे बच्चों को ठंड से बचाना सबसे ज्यादा जरूरी है। शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे भी ज्यादा अहम है। इसी सोच के तहत यह फैसला लिया गया है।

आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती

कुछ इलाकों से यह शिकायतें भी सामने आई हैं कि कुछ निजी स्कूल प्रशासन के आदेश के बावजूद कक्षाएं चला रहे हैं। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से स्कूलों की जांच करें और आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करें।

स्पष्ट किया गया है कि नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उनके खिलाफ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

आगे क्या हो सकता है

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों में ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। कई इलाकों में शीतलहर और कोहरे का असर बना रह सकता है। यदि तापमान इसी तरह कम बना रहता है, तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं।

हालांकि अंतिम फैसला मौसम की स्थिति की समीक्षा और प्रशासनिक बैठक के बाद ही लिया जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

इस समय बच्चों को गर्म कपड़े पहनाना, ठंडी हवा से बचाना और सुबह-शाम बाहर निकलने से रोकना बेहद जरूरी है। अगर किसी बच्चे में सर्दी या बुखार के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्कूल बंद होने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई घर पर हल्के-फुल्के तरीके से कराई जा सकती है, ताकि वे पढ़ाई से पूरी तरह दूर न हों।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। स्कूलों की छुट्टियों की तिथियां और मौसम की स्थिति सरकारी आदेशों के अनुसार कभी भी बदल सकती हैं। पाठकों से अनुरोध है कि वे जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और आदेशों का ही पालन करें।

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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