देशभर के छात्रों और अभिभावकों के लिए सर्दियों की छुट्टियों को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। जहां कुछ दिन पहले तक ठंड और कोहरे के चलते स्कूल बंद रहने की उम्मीद की जा रही थी, वहीं अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शिक्षा विभाग ने विंटर वेकेशन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए छुट्टियां रद्द करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों को 5 जनवरी से दोबारा स्कूल जाना होगा।
अचानक आए इस आदेश ने स्कूल प्रबंधन, शिक्षक, छात्र और अभिभावकों सभी को अलर्ट मोड में ला दिया है। कई परिवार जहां छुट्टियों के मूड में थे, वहीं अब पढ़ाई की तैयारी फिर से शुरू हो गई है। विभाग का मानना है कि लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और शैक्षणिक कैलेंडर बिगड़ने लगा था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
विंटर वेकेशन क्यों किया गया रद्द
शिक्षा विभाग के अनुसार हाल के दिनों में मौसम की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में तापमान पहले की तुलना में बढ़ा है और शीतलहर का असर भी कम हुआ है। ऐसे में स्कूलों को ज्यादा समय तक बंद रखना जरूरी नहीं माना गया। इसके अलावा छुट्टियों की वजह से सिलेबस पीछे चल रहा था, जिससे बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो सकती थी।
विभाग का कहना है कि अगर पढ़ाई इसी तरह बाधित रहती, तो आगे चलकर छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता। इसी कारण यह तय किया गया कि विंटर वेकेशन को खत्म कर नियमित कक्षाएं शुरू की जाएं। यह फैसला छात्रों के लंबे समय के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
5 जनवरी से सभी स्कूल खुलेंगे
जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक 5 जनवरी से देशभर में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल खोले जाएंगे। नर्सरी से लेकर सीनियर कक्षाओं तक पढ़ाई सामान्य रूप से शुरू होगी। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर कक्षाएं संचालित करें और पढ़ाई की रफ्तार को दोबारा पटरी पर लाएं।
कई स्कूलों ने छात्रों और अभिभावकों को सूचना देना भी शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि शुरुआती दिनों में पढ़ाई के साथ-साथ रिवीजन पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, ताकि छुट्टियों के कारण जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जा सके। 5 जनवरी को स्कूल खुलने के साथ ही स्कूलों में सामान्य दिनचर्या लौट आएगी।
CBSE, RBSE सहित सभी बोर्ड के स्कूल शामिल
यह फैसला किसी एक बोर्ड तक सीमित नहीं रखा गया है। CBSE, RBSE, ICSE और सभी राज्य बोर्डों से जुड़े स्कूलों पर यह आदेश समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि कोई भी स्कूल अपने स्तर पर छुट्टियां बढ़ाने का फैसला नहीं ले सकता।
सभी बोर्डों के स्कूलों को सरकारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका मकसद यह है कि देशभर में पढ़ाई को लेकर एक समान व्यवस्था बनी रहे और छात्रों को किसी तरह की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े। स्कूल प्रबंधन को कहा गया है कि वे आदेश का पूरी तरह पालन करें।
क्या फिर बदल सकता है फैसला
फिलहाल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 5 जनवरी से स्कूल खोलने का फैसला लागू रहेगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर किसी इलाके में अचानक ठंड बढ़ती है या शीतलहर का असर फिर तेज होता है, तो स्थानीय स्तर पर समीक्षा की जा सकती है। लेकिन अभी के हालात में फैसले में बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सूचना
छुट्टियां रद्द होने के बाद छात्रों को सलाह दी गई है कि वे 5 जनवरी से स्कूल जाने की पूरी तैयारी रखें। यूनिफॉर्म, किताबें और होमवर्क से जुड़ी जानकारी पहले ही स्कूल से कन्फर्म कर लें। अभिभावकों को बच्चों को ठंड से बचाव के साथ समय पर स्कूल भेजने की सलाह दी गई है, क्योंकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंड अभी बनी रह सकती है।स्कूलों से भी उम्मीद की जा रही है कि वे बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए जरूरी सावधानियां बरतेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से आने वाली किसी भी नई सूचना पर नजर रखना सभी के लिए जरूरी होगा।





