आजकल गुड़ में भारी मिलावट देखने को मिलती है. बाजार में मुनाफे की होड़ के कारण में नकली और केमिकल वाले गड़ भरमार हो गई है. ये देखने में एकदम असली लगता है इसी वजह से लोग पहचान भी नहीं कर पाते हैं. इसी के चलते आज हम आपको ऐसे 5 तरीके बताने जा रहे हैं जिनके जरिए आप नकली गुड़ की पहचान कर मीठे जहर से बच सकते हैं.सर्दियों के मौसम में गुड़ की बात न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. लोग इसे चाय, लड्डू और खाना बनाने में खूब इस्तेमाल करते हैं. गुड़ न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि शरीर को गर्म रखकर सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. हालांकि, आजकल गुड़ में भारी मिलावट देखने को मिलती है. बाजार में मुनाफे की होड़ के कारण में नकली और केमिकल वाले गड़ भरमार हो गई है. ये देखने में एकदम असली लगता है इसी वजह से लोग पहचान भी नहीं कर पाते हैं. इसी के चलते आज हम आपको ऐसे 5 तरीके बताने जा रहे हैं जिनके जरिए आप नकली गुड़ की पहचान कर मीठे जहर से बच सकते हैं.
अगर गुड़ का रंग बहुत हल्का, पीला या सफेद है और वह बहुत ज्यादा चमक रहा है, तो समझ जाइए कि उसे केमिकल्स से साफ किया गया है. वहीं असली और शुद्ध गुड़ का रंग गहरा भूरा या कालापन लिए होता है. यह दिखने में थोड़ा बदसूरत हो सकता है, लेकिन सेहत के लिए यही असली सोना है. शुद्ध गुड़ आमतौर पर कठोर होता है. अगर आप इसे हाथ से तोड़ते हैं, तो यह टुकड़ों या पपड़ी के रूप में टूटता है. वहीं केमिकल से बना गुड़ नरम होता है और छूने में ज्यादा चिपचिपा लगता है. गुड़ का छोटा टुकड़ा गुनगुने पानी में डालें. असली गुड़ धीरे-धीरे घुलकर पानी को हल्का भूरा कर देगा. अगर पानी साफ रहे या नीचे सफेद परत दिखे तो वह नकली या रासायनिक गुड़ है. असली गुड़ का टेस्ट हल्का-मीठा होता है. इसके अलावा अगर आपको गुड़ चखकर कड़वाहट या फिर तीखापन महसूस हो रहा है तो हो सकता है कि ये गुड़ नकली हो. असली गुड़ में गन्ने के रस की अपनी एक तेज और प्राकृतिक सुगंध होती है. केमिकल वाले गुड़ में कोई गंध नहीं आती है. ब्लीचिंग प्रक्रिया में गुड़ की प्राकृतिक सुगंध भी खत्म हो जाती है.
Back to top button