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करी पत्ता से भर जाएगा पूरा पौधा, जंगल जैसा होगा घना’ गुड़ और खास नमक से बना डालें घोल, माली ने बताया आसान तरीका

करी पत्ता को मीठा नीम के नाम से भी जाना जाता है। जो न केवल भारतीय व्यंजनों में एक फ्लेवर डालना है बल्कि औषधीय की तरह भी काम करता है। तभी इसे घर पर उगाना बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन कई लोगों की शिकायत होती है कि उनका पौधा घना होने के बजाय लंबा और पतला रह जाता है।ऐसे में गार्डनिंग एक्सपर्ट शिखा श्रीवास्तव ने इस समस्या का एक आसान और प्रभावी समाधान बताया है। उनका सुझाव है कि थोड़ी सी देखभाल और एक खास गुड़ और खास नमक से बना घोल आपके करी पत्ता के पौधे को जंगल जैसा घना बना देगा। आपको बस पौधे पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत होगी।मिट्टी तक हवा पहुंचना जरूरी है ताकि पोषक तत्वों को जड़ों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिले। तो हर सप्ताह, गमले की मिट्टी को लगभग एक से डेढ़ इंच तक हल्के हाथों से ढीला करें। इससे मिट्टी भुरभुरी बनी रहती है और पौधे की जड़ें अच्छी तरह से सांस ले पाती हैं, जिससे खाद भी जड़ तक पहुंच जाती है।

इसके अलावा करी पत्ता को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। तो तभी पानी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी पूरी तरह से सूख चुकी हो। ज्यादा पानी देने से जड़ें गल सकती हैं, जो पौधे के लिए हानिकारक है।यह मिट्टी की जैविक शक्ति को बढ़ाता है, जिससे मिट्टी अधिक उपजाऊ बनती है। इस शक्तिशाली घोल को बनाने के लिए आपको तीन चीजों की जरूरत होगी। 50 ग्राम गुड़, आधा लीटर पानी और एक चम्मच एप्सम सॉल्ट।सबसे पहले गुड़ को आधा लीटर पानी में अच्छी तरह मिलाकर रात भर या कुछ घंटों के लिए छोड़ दें ताकि गुड़ पूरी तरह से घुल जाए। अगले दिन, इस गुड़ वाले पानी में एक चम्मच एप्सम सॉल्ट मिलाएं। एप्सम सॉल्ट पत्तों को गहरा हरा बनाता है और क्लोरोफिल उत्पादन में मदद करता है, जिससे पौधा घना दिखाई देता है। सभी चीजों को मिलाते ही शक्तिशाली टॉनिक बनकर तैयार हो जाएगा।केवल टॉनिक बनाना ही पर्याप्त नहीं है, इसे सही समय पर और सही मात्रा में देना भी जरूरी है। इस लिक्विड फर्टिलाइजर को हर 15 दिन के अंतर में पौधे में डालें। एक पौधे के लिए, आधा कप घोल पर्याप्त है। ज्यादा मात्रा में देने से बचे से बचना चाहिए। लिक्विड फर्टिलाइजर डालने के तुरंत बाद गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई ज़रूर करें। इससे घोल मिट्टी में अच्छी तरह से मिल जाता है, जिससे जड़ों को पोषक तत्व मिलते हैं।

तो 25 दिन या महीने में एक बार वर्मीकंपोस्ट भी डालें। वर्मीकंपोस्ट मिट्टी की बनावट को सुधारता है, पानी रोकने की क्षमता बढ़ाता है। 15 दिन में गुड़ का टॉनिक और 25 दिन में वर्मीकंपोस्ट देते हैं, तो पौधा जंगल जैसा घना होगा। हालांकि आपको पूनिंग पर भी ध्यान देना होगा, तभी पौधा लंबे होने की जगह अलग-अलग ब्रांच निकालेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।  जगन्नाथ डॉट कॉम इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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