आम का नाम सुनते ही गर्मी हो या सर्दी का मौसम मुंह में पानी आ जाता है. अब आम के स्वाद का मजा सिर्फ बगिया में ही नहीं, घर पर गमले में भी उठाया जा सकता है. रायपुर के फेमस गार्डनिंग एक्सपर्ट विश्वनाथ चक्रेश ने बताया कि नर्सरी में बारहमासी आम के पौधे उपलब्ध हैं, जिन्हें आसानी से गमले में लगाया जा सकता है. बारहमासी आम की खासियत यह है कि यह साल में दो बार फल देता है और इसके फल आकार में बड़े व स्वाद में लाजवाब होते हैं. एक आम का वजन 200 से 300 ग्राम तक पहुंच जाता है, जो घर पर उगाए गए आम की ताजगी और स्वाद का आनंद देता है.एक्सपर्ट विश्वनाथ चक्रेश ने बताया कि बारहमासी आम को गमले में लगाने के लिए सबसे पहले बड़ा आकार का गमला चुनना जरूरी है. यह पौधा लंबे समय तक स्वस्थ तरीके से फल देने के लिए पर्याप्त जगह की मांग करता है. इसके बाद गमले में काली मिट्टी के साथ मिश्रित वर्मी कम्पोस्ट डालना चाहिए. इस मिश्रित वर्मी कम्पोस्ट में डी ए पी, जिंक, सुपर फस्फेट, सरसों खली और नीम खली मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे पौधे को पोषण मिलता है और मिट्टी का स्वास्थ्य भी बना रहता है.पौधा लगाने के बाद पानी उचित मात्रा दी जानी चाहिए. विशेषज्ञ विश्वनाथ चक्रेश ने कहा कि जब गमले की मिट्टी सूख जाए, तो उसमें फिर से पानी देना चाहिए. नमी की जांच नियमित रूप से करते रहना आवश्यक है, ताकि पौधा कभी भी प्यासा न रहे. खास बात यह है कि बारहमासी आम के पौधे को छाया में नहीं रखना चाहिए. इसे भरपूर धूप मिलनी चाहिए, क्योंकि धूप मिलने पर ही इसकी बढ़वार अच्छी होती है और फल भी बढ़िया आकार के आते हैं.कीटों का संक्रमण भी आम के पौधे के लिए खतरा हो सकता है. इसलिए कीटों के संक्रमण के संकेत मिलते ही तुरंत कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए. इससे पौधे स्वस्थ रहकर लगातार फल देने में सक्षम रहते हैं. गार्डनिंग एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि बारहमासी आम के पौधे की कीमत नर्सरी में केवल 250 रुपए रखी गई है, जिससे यह पौधा हर किसी के लिए सुलभ और किफायती विकल्प बन जाता है
0 2,500 1 minute read





