मध्यप्रदेश में ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के संविदाकर्मियों को भी अब हटाकर इधर से उधर किया जा सकेगा। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने इसके लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। संविदा कर्मचारियों, अधिकारियों को नई जगह पर पदस्थापना के लिए वर्तमान स्थल पर पदस्थापना का अनुबंध समाप्त कर नई पदस्थापना का अनुबंध करना होगा। हालांकि नई पदस्थापना के लिए उन्हें भत्ता और छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने संविदा कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादलोें की इस प्रक्रिया को स्थान परिवर्तन का नाम दिया है। जिले में कार्यरत संविदा कर्मचारियों में से केवल 10 प्रतिशत को ही स्थान परिवर्तित किया जा सकेगा।
एमपी में कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादलों के लिए 30 मई तक का समय नियत है। राज्य के नियमित कर्मचारियों, अधिकारियों के जैसे ही संविदा कर्मचारियों के लिए भी नई तबादला प्रक्रिया लागू की गई है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने इसके लिए प्रावधान जारी किए हैं। अभी तक इनके तबादलों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई थी।
संविदा कर्मचारियों के तबादलों के प्रावधान
नई जगह पर पदस्थापना के लिए पुराना अनुबंध निरस्त करना होगा।
नई पदस्थापनास्थल पर नियोक्ता नया कार्य सौंपेगा।
स्थान परिवर्तन होने पर पांच साल तक वहीं रहना होगा।
नए पदस्थापना स्थल के लिए यात्रा भत्ता या छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा।
आदेश जारी होने के दो सप्ताह में संविदाकर्मी को कार्यमुक्त करना होगा।





