नई दिल्ली. प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के उपनिरीक्षक और महिला कांस्टेबल गश्त पर थे. उसी दौरान प्लेटफार्म पर एक नाबालिग लड़की दिखी. उसके आसपास कोई नहीं था. आरपीएफ कर्मी देखते ही समझ गए कि लड़की अकेली है. पास पहुंचते ही लड़की उठकर जाने लगी. इस दौरान महिला कांस्टेबल ने रोका और पूछताछ की. सच्चाई चौंकाने वाली सामने आयी.
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) /प्रयागराज के उपनिरीक्षक विवेक कुमार व महिला कांस्टेबल निशा यादव प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 1 पर गश्त पर थे. उसी दौरान मेन हाल के पास एक नाबालिग बच्ची मिली. दोनों तेज कदमों से उस बच्ची के पास गए.
घर पर डॉट पड़ने से भागी किशोरी
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूछताछ करने पर नाबालिग बच्ची ने बताया कि वो घर से भागकर आयी है. वजह पूछने पर बताया कि पढ़ाई को लेकर उसे घर पर डांट पड़ती थी. पड़ोस के बच्चों से तुलना की जाती थी और ताने दिए जाते हैं, इस वजह से नाराज होकर ट्रेन से प्रयागराज जंक्शन आ गयी. उसने बताया कि वो बलिया, उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. रेलवे चाइल्ड लाइन की महिला सुपरवाइजर को बुलाकर नाबालिग बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया गया.
दो नाबालिग लड़के भी मिले
वहीं, ट्रेन नंबर 02398 आनंद विहार टर्मिनल-गया जंक्शन स्पेशल ट्रेन में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के की सूचना रेल मदद से मिली. रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूछताछ करने पर नाबालिग ने अपना नाम मनीष टांक बताया जो घर से नाराज होकर जा रहा था. दूसरी ओर प्रयागराज स्टेशन पर परिसर में गश्त के दौरान एफओबी पर एक नाबालिग लड़का मिला. उसने अपना नाम अमन सिंह बताया. इन दोनों ने भी पढ़ाई की वजह से डांट पड़ने से घर से भागने की बात बताई. दोनों को रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया.





