बारिश का मौसम होम गार्डनिंग के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस दौरान कई लोग घर के गार्डन, छत या बालकनी में मौसमी सब्जियां, फल और तरह-तरह के पौधे लगाना पसंद करते हैं। इन्हीं में से एक लौकी भी है, जिसे सही तरीके से लगाने और नियमित देखभाल के साथ घर पर आसानी से उगाया जा सकता है। हालांकि कई बार मिट्टी का सही चुनाव न करना, बीज गलत तरीके से लगाना और पौधे की पर्याप्त देखभाल न करना जैसे कारण इसकी ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर आप इस बार गार्डन में लौकी की बेल उगाना चाहते हैं, तो बीज बोने से लेकर देखभाल के आसान तरीकों को अपना सकते हैं। जिससे पौधे का विकास अच्छे से हो सके और ज्यादा फल मिल सकें।
लौकी उगाने का समय
लौकी को बारिश के मौसम में जून से जुलाई के बीच लगाया जा सकता है। इस दौरान मानसून का आगमन हो जाता है, जिसकी वजह से पौधे की ग्रोथ तेजी से होती है। लौकी एक बेल वाला पौधा है, जिसे लगाने के लिए सही जगह का चुनाव जरूरी है। इसे आप गार्डन या छत पर लगा सकते हैं। अगर इसे गमले में लगा रहे हैं तो गहराई वाला गमला लें। इससे पौधे की जड़ें अच्छी तरह फैल पाएंगी।
पौधा लगाने के लिए मिट्टी, गोबर की खाद, कोकोपीट और रेत मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। इसमें आप जैविक खाद भी डाल सकते हैं। इसके लिए ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें पानी का निकास आसानी से हो सके। क्योंकि बारिश के मौसम में जलभराव जल्दी हो जाता है।
लौकी के बीजों को बोने का तरीका
लौकी के बीजों को आप नर्सरी या बीज वाली दुकान से खरीद सकते हैं। इसे बोने से पहले कुछ देर पानी में भिगोकर रखें ताकि बीजों के अंकुरण तेजी से हो सके। इसके लिए मिट्टी में करीब 1 इंच गहराई पर दो-तीन बीज डाल दें। इस दौरान बीज का चौड़ा और गोल हिस्सा ऊपर की तरफ हो और पतला नुकीला हिस्सा नीचे की ओर रखें। इससे पौधे की जड़ें नीचे की तरफ जाती हैं। अब बीजों को मिट्टी से ढक दें और ऊपर से हल्का पानी दें।लौकी को ऐसी जगह लगाएं जहां पर कम से कम 5-6 घंटे की धूप आती हो। पौधे को समय-समय पर पानी और खाद देते रहें। लौकी की बेल को बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है। इसलिए रस्सी, तार या किसी लकड़ी की मदद से इसे चढ़ने का रास्ता दें। अगर बेल जमीन पर फैल रही है, तो फफूंद, कीट और फल सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। लौकी के पौधे में फल करीब दो से तीन महीने में तोड़ने लायक हो जाएंगे। इस तरह नियमित देखभाल की मदद से आप लौकी के पौधे को घर पर उगा सकते हैं।




