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पढ़ाई के सपने को ससुराल ने दिए पंख, अब मिल रहा राष्ट्रपति पुरस्कार, गाजियाबाद की रेनू की सफलता की कहानी

5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीचर्स को राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार दिया जाता है. गाजियाबाद के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही रेनू त्रिपाठी को भी इस साल ये अवॉर्ड दिया जाना है. NDTV से बात करते हुए रेनू त्रिपाठी ने बताया कि वो इस पुरस्कार को लेकर बहुत ही उत्साहित हैं, इससे पहले भी उन्हें राज्य स्तर पर कई अवॉर्ड से नवाजा गया है. रेनू ने बताया कि वह एक मध्यम श्रेणी के परिवार से आती है, जहां महिलाओं को नौकरी करने के लिए भी अनुमति नहीं दी जाती थी.

बच्चों को प्रैक्टिकल करवाने पर किया फोकस

उन्होंने बताया कि उनके ससुराल पक्ष ने उन्हें बहुत सहयोग दिया. अपनी शिक्षा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह बच्चों को प्रैक्टिकल कराने में ज्यादा विश्वास रखती हैं. क्योंकि प्रैक्टिकल के जरिए बच्चे अधिक सीखते हैं. वहीं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल ने कहा कि रेनू, हमारे स्कूल का गौरव है. हमें बहुत खुशी है कि उनको इतना बड़ा पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा देकर सम्मानित किया जा रहा है.

राष्ट्रपति भवन से आया बुलावा

वहीं, गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कहा कि यह जनपद गाजियाबाद के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे यहां से शिक्षिका रेनू त्रिपाठी को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है. भारत सरकार ने रेनू को राष्ट्रपति भवन बुलाया है. रेनू ने कहा कि मैं इस पुरस्कार के लिए भारत सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद देती हूं और उनका आभार प्रकट करती हूं.  बता दें कि इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 कुल 48 शिक्षकों को दिया जा रहा है. ये शिक्षक देशभर से चुने गए हैं.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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