छत्तीसगढ़

नक्सलवाद का खात्मा, लोकल लोगों से बनी DRG, बस्तर फाइटर्स, बस्तरिया बटालियन,पूना मारगेम अभियान की अहम भूमिका

बस्तर:छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना करना पड़ा. घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और सीमित बुनियादी सुविधाओं ने इस क्षेत्र को माओवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना दिया था. लेकिन हाल के वर्षों में पूना मार्गेम अभियान और स्थानीय युवाओं से बनी DRG (District Reserve Guard) फोर्स और CRPF की बस्तरिया बटालियन के संयुक्त प्रयासों ने इस तस्वीर को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अमित शाह ने सुरक्षाबलों की तारीफ की

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को लोकसभा में कहा कि नक्सलवाद वामपंथी विचारधारा की उपज है. नक्सलवाद गरीबी के कारण नहीं फैला, बल्कि गरीबी नक्सलवाद के कारण फैली. माओवादियों ने भेदभाव का विरोध करने के लिए लाल गलियारे को नहीं चुना, बल्कि इसलिए चुना क्योंकि वहां सरकार की पहुंच कमजोर थी. लाल आतंक के साये में बस्तर विकास में पिछड़ गया था. अब जब लाल आतंक का साया हट गया है, बस्तर विकास कर रहा है. नक्सल मुक्त भारत मोदी सरकार की सबसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है. इसका पूरा श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, विशेषकर कोबरा और सीआरपीएफ के जवानों, राज्य पुलिस – विशेष रूप से छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के जवानों – और स्थानीय आदिवासियों को जाता है.

पूना मारगेम अभियान, ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि माओवादियों के पुनर्वास के लिए पूना मार्गेम अभियान( पुनर्वास से पुनर्जीवन) नाम का एक अभियान बस्तर में चलाया गया था. अभियान के तहत बीते 1 सालों में 1500 से अधिक माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वास किया हैअक्टूबर 2025 में एक ही दिन में 210 माओवादी अपने 153 हथियारों के साथ वापस लौटे थे. इसके अलावा कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में भी हथियारों के साथ कई माओवादियों ने पुनर्वास किया है. सरकार उन्हें काफी सहयोग कर रही है, जिससे सभी शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं.DRG की निर्णायक भूमिका

बस्तर आईजी ने बताया बस्तर के स्थानीय युवक युवतियों को अवसर और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए साल 2015 में DRG ( डिस्ट्रिक रिजर्व गार्ड) की तैनाती की गई. जिसमें सभी जिलों में करीब 1400 जवानों की भर्ती की गई थी. जिनके द्वारा क्षेत्र की रक्षा और नक्सल अभियानों में बेहतर प्रदर्शन किया गया.बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान में स्थानीय युवक युवतियों को शामिल करने और उन्हें रोजगार देने के लिए साल 2015 में डीआरजी(डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का गठन किया गया. इस बल ने अच्छा काम किया-सुंदरराज पी, आईजी, बस्तर रेंज

Manoj Mishra

Editor in Chief

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