सुकमा: घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे सुकमा जिले के पोरो परिया क्षेत्र ने एक ऐसा दिन देखा, जिसे ग्रामीण सालों तक याद रखेंगे. आजादी के बाद पहली बार जिला प्रशासन का शीर्ष अधिकारी जब गांव की पगडंडियों से होते हुए ग्रामीणों के आंगन तक पहुंचा, तो लोगों की आंखों में आश्चर्य, खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने के उद्देश्य से चल रहे प्रयासों के तहत सुकमा कलेक्टर अमित कुमार गुरुवार को पहली बार पोरो परिया पहुंचे. उनके साथ जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे.
जिला प्रशासन की टीम ने इस बेहद दूरस्थ इलाके के कई गांवों का दौरा कर विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया. लंबे समय से उपेक्षित रहे इस क्षेत्र में प्रशासनिक टीम की मौजूदगी ने ग्रामीणों के मन में नई उम्मीद जगा दी.
ग्रामीणों से मिलने वाली सरकारी योजनाओं की ली जानकारी
दौरे के दौरान कलेक्टर अमित कुमार मारोकी गांव पहुंचे. यहां उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घरों तक पैदल पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की. कलेक्टर ने ग्रामीणों से पूछा कि आवास निर्माण में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है, राशन समय पर मिल रहा है या नहीं, बिजली और पानी की व्यवस्था कैसी है. ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं बताईं. कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए.
ग्रामीणों के बीच पहुंचकर कलेक्टर ने जिस सहजता से संवाद किया, उससे लोग काफी प्रभावित नजर आए. कई बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी कलेक्टर को अपने गांव में देखा है.
मारोकी उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण
इसके बाद कलेक्टर ने मारोकी स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया. यहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को करीब से देखा. केंद्र में मौजूद बेबी वार्मर मशीन को कलेक्टर ने स्वयं चालू कर उसकी कार्यप्रणाली समझी और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि नवजात शिशुओं की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
कलेक्टर ने दवाइयों की उपलब्धता की भी जानकारी ली और विशेष रूप से ड्रॉप पैरासिटामोल सहित अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी लंबी दूरी तय न करनी पड़े.
आंगनबाड़ी केंद्र, राशन दुकान की ली जानकारी
दौरे के दौरान प्रशासनिक टीम ने पीडीएस भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया. पीडीएस केंद्र में कलेक्टर ने हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर राशन वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को लेकर मौके पर ही निर्देश जारी किए. इनमें आंगनबाड़ी भवन निर्माण, स्कूल भवन निर्माण, सड़क निर्माण, हाता निर्माण, पुलिया निर्माण, बिजली आपूर्ति सुदृढ़ करना, बोरिंग खुदाई और जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराना शामिल है.
उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश
परिया क्षेत्र के पात्र ग्रामीण परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए. इसके अलावा क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री और बांस शिल्पकला का प्रशिक्षण शुरू कराने की पहल की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र के इच्छुक युवाओं की सूची तैयार कर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ा जाए.
कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीण काफी खुश नजर आए. गांव की महिलाओं ने कहा कि पहली बार प्रशासन उनके घरों तक पहुंचा है. कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब उनके गांव में भी सड़क, बिजली, पानी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द उपलब्ध होंगी.
दौरे के अंत में कलेक्टर अमित कुमार ने गादीरास तहसील कार्यालय का भी निरीक्षण किया. यहां उन्होंने तहसील स्तर पर लंबित नामांतरण, बंटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
इस दौरे ने न केवल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद की दूरी को कम किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि अब विकास की रोशनी सुदूर जंगलों में बसे गांवों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन गंभीरता से प्रयास कर रहा है.कलेक्टर अमित कुमार ने कहा- “पोरो परिया जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर यहां की वास्तविक स्थिति को समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है. हमारा प्रयास है कि इन गांवों तक बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा समयबद्ध तरीके से पहुंचे. प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार को मिले, यह हमारी प्राथमिकता है. साथ ही यहां के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि विकास की मुख्यधारा से यह क्षेत्र तेजी से जुड़ सके.”





