भिलाई। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वावलंबी भारत अभियान के तहत स्वदेशी मेला परिसर में भिलाई के लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन भी मिल रहा है। शनिवार को मेला परिसर में “स्वदेशी उद्यमिता – आत्मनिर्भर भारत की नींव” विषय पर युवाओं की एक प्रेरक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता जगदीश पटेल (प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच एवं प्रांतीय समन्वक स्वालंबी भारत अभियान)ने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि आज के दौर में स्वदेशी उद्यमिता देश की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय उद्यमिता की ओर अग्रसर होकर रोजगार सृजन करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करके ही आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।
स्वदेशी उद्यमिता का अर्थ बताते हुए कहा कि नौकरी की मानसिकता से निकलकर अपना उद्योग लगाना,कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनना और अपना व्यवसाय या उद्योग लगाना और आत्मनिर्भर बनकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। संयोजक अजय भसीन ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभा और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। यदि युवा नवाचार और स्वदेशी सोच के साथ कार्य करें तो देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और देश की आर्थिक प्रगति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
संगोष्ठी में उपस्थित युवाओं ने इस विषय पर अपने विचार भी साझा किए और स्वदेशी उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की। संघोष्टि के अलावा लोक संस्कृति को जीवित रखने और संस्कृति को युवाओं में समाहित करने के उद्देश्य से केश सज्जा व मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। केश सज्जा प्रतियोगिता में मीना पाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।ममता देवी व मधुमिता भी केश सज्जा की विनर रही। मेहंदी प्रतियोगिता में रमा यादव प्रथम,निशि जैन ने दूसरा स्थान, तनिष्का शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्वदेशी मेले में शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि स्वदेशी मेले में आम जनता को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। देश के आर्थिक विकास में यह प्रयास सराहनीय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक ललित चंद्राकर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, जिला पंजायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।सभी अतिथियों ने स्वदेशी मेले की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रम की सृंखला में श्री दीपेंद्र हलधर जी ने भजन संध्या से मेले के माहौल को संगीतमय बना दिया।
स्वदेशी मेले के दूसरे दिन भिलाईवासियों का उत्साह देखने लायक रहा। बड़ी संख्या में शहरवासी अपने परिवार के साथ मेले में पहुंचे और स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीदारी की। मेले में लगे 300 से अधिक स्टॉल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जहां विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं तथा स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद उपलब्ध हैं। लोगों ने न केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी की बल्कि परिवार के साथ मेले के मनोरंजन का भी भरपूर आनंद लिया।
मेले में बने फूड जोन, ऑटोमोबाइल जोन, बच्चों के लिए झूले एवं मनोरंजन के विभिन्न साधन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। साथ ही मेले में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिल रही है, जिसे लोगों ने खूब सराहा। मेले में लगातार बढ़ रही भीड़ से आयोजकों में उत्साह है और उन्होंने भिलाईवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्वदेशी अभियान को मजबूत करें।
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