मधुबनी. आपने पकौड़े तो तरह-तरह के खाए होंगे, लेकिन आज आपको एक ऐसे फूल के पकौड़े की रेसिपी और उसके फायदे बता रहे हैं, जो स्वाद भी देगा और स्वास्थ्य के लिए भी रामबाण होगा. ड्रमस्टिक (सहजन) या मैथिली में इसे मुनिगा कहते हैं. यह इम्युनिटी बढ़ाता है, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है, पाचन ठीक करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है, त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद है और भी ना जाने इसके कितने फायदे हैं. यह समय इसके फूल का है. ऐसे में जानते हैं कि कैसे इसके फूल के पकौड़े बनाए जा सकते हैं.
रेसिपी समझिए
सहजन फूल के पकोड़े जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगते हैं, और अभी इसके लिए समय भी ठीक है क्योंकि अभी सीजन चल रहा है इसके फूल का. यह थोड़े दिन बाद ज्यादा फैल जाएगा, तब पकौड़े नहीं बनेंगे. मुनिगा फूल की कचरी बनाने के लिए आप इसके फूल को साफ कर लीजिए, फिर उसमें आप स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा प्याज बारीक काटकर डाल सकते हैं.
बेसन, नमक, हरी मिर्च के साथ मिला लें और फिर तेल में फ्राई कर लें. आप इस स्टेज पर स्वादानुसार मसाले भी डाल सकते हैं. जैसे हल्दी, धनिया, पिसी मिर्च वगैरह. इसे मीडियम फ्लेम पर तलना है. सहजन फूल की कचरी चावल दाल के साथ, रोटी के साथ या फिर शाम के नाश्ते के तौर पर भी खा सकते हैं.
यह खाने में स्वादिष्ट होता है और बनाना भी बहुत मुश्किल नहीं होता है. यह भी कुछ ही मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि स्वास्थ्य के लिए रामबाण होता है. इससे स्वास्थ्य को बहुत फायदा मिलता है जैसे कि इम्युनिटी बढ़ाता है, जो मानव शरीर के लिए बहुत अच्छा है.
आजकल लोग ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर से परेशान रहते हैं, यह उसे कंट्रोल करने में मदद करता है, पाचन ठीक करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है. लड़कियों के लिए भी अच्छा है क्योंकि अगर व्यक्तित्व को देखें तो यह त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद है और न जाने कितने फायदे हैं.
स्वाद नहीं तो दवा समझकर खाएं
मिथिलांचल क्षेत्र में यह खूब मिलता है. इस समय लगभग एक से डेढ़ महीने के लिए यह खिला रहता है. वैसे जहां भी खेती होती है वहां सहजन का फूल होता है. हर व्यक्ति को इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, इससे शरीर को इतने फायदे मिलते हैं कि दवा की जरूरत नहीं पड़ेगी. अपने स्वादानुसार रेसिपी में बदलाव कर सकते हैं पर आमतौर पर यह बच्चों और बड़ों, सबको पसंद आती है.





