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आपको लाइसेंस देकर गलती किसने की’, सुप्रीम कोर्ट ने वकील को लगाई कड़ी फटकार, पीएम मोदी-अमित शाह से जुड़ा है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक वकील ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। हालांकि, बाद में वकील ने खेद व्यक्त किया और फिर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस निर्देश को स्थगित कर दिया जिसमें वकील को 50000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ वकील की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनकी याचिका को तुच्छ और प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए खारिज कर दिया गया था।

, सुनवाई की शुरुआत में ही मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने टिप्पणी की, “इनको कॉस्ट नहीं लगाया हाई कोर्ट ने? बैंड वैंड पहना नहीं है…लगा कोई दंगल में उतरने आए हैं।” जब यह बताया गया कि वास्तव में जुर्माना लगाया जा चुका है, तो पीठ ने याचिकाकर्ता से वकालत के क्षेत्र में बिताए गए उसके करियर के बारे में पूछा। वकील ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘1995 से।’

आपको लाइसेंस देकर किसने गलती की- सीजेआई

मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा, “आपको लाइसेंस देकर गलती किसने की? कृपया ऐसी याचिकाएं दायर न करें। लोग आप पर भरोसा करते हैं, अगर आप ये सब करेंगे तो लोग आप पर कैसे भरोसा करेंगे।” जब याचिकाकर्ता ने विचारधारा से जुड़ी आपत्तियां उठाईं, तो जस्टिस बागची ने उन्हें समझाया कि किसी की राजनीति या सोच से असहमति होना उसे अपराध नहीं बना देता।

आप और दबाव डालेंगे तो हमें जुर्माना बढ़ाना पड़ेगा- जस्टिस बागची

जस्टिस बागची ने कहा, “अगर आप और दबाव डालेंगे तो हमें जुर्माना बढ़ाना पड़ेगा। विचारधारा या राजनीति आदि के आधार पर आपकी राय अलग हो सकती है, लेकिन इससे अपराध नहीं बनता या आप किसी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग नहीं करते। मान लीजिए, अगर संसद कोई अवैध कानून पारित करती है तो क्या वह अपराध है? कृपया अपना बयान वापस लें। खुद को शर्मिंदा न करें।”कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने कहा कि अपनी गलती का एहसास होने पर वह याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। उसने यह भी वचन दिया कि वह अलवर के एसएचओ को भेजी गई 2020 की शिकायत के संबंध में किसी भी अदालत में या किसी अन्य रूप में कोई शिकायत, आवेदन या याचिका दायर नहीं करेगा।

तीन जजों की बेंच द्वारा खारिज याचिका दूसरी बेंच के लिए लिस्ट कर दी’, CJI सूर्यकांत कराएंगे सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की गहन जाँच

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कामकाज को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कामकाज की गहन जांच का आदेश देंगे। क्योंकि रजिस्ट्री के कुछ अधिकारी सुचारू रूप से कामकाज सुनिश्चित करने के लिए नए सुधार किए जाने के बावजूद कथित तौर पर अपनी मनमानी कर रहे हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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