छत्तीसगढ़

तंबाकू नियंत्रण अभियान के तहत कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर की गई कार्यवाही

तंबाकू नियंत्रण अभियान के तहत कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर की गई कार्यवाही

रणवीरपुर क्षेत्र में 20 चालान, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर सख्ती से की गई जांच

कवर्धा, मई 2025। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. राज, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) श्रीमती अनुपमा तिवारी के सफल मार्गदर्शन एवं जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. रोशनी पटेल के नेतृत्व में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा-2003 नियमों के पालन के लिए विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम रणवीरपुर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में संचालित पान दुकानों, किराना स्टोर्स एवं थोक विक्रेताओं की गहन जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर धारा 04 और 06 के तहत कुल 20 चालान काटे गए। साथ ही सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भी चालानी कार्यवाही की गई।
अभियान के दौरान दुकानदारों और आमजनों को तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कोटपा अधिनियम के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने हेतु समझाइश दी गई तथा नियमों से संबंधित लिखित पंपलेट्स भी वितरित किए गए। इस कार्रवाई में श्री जितेन्द्र पाटीदार एवं औषधि निरीक्षक श्री अरविंद डहरिया ने नेतृत्व करते हुए अभियान का संचालन किया। उनके साथ श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भी उपस्थित रही, जिन्होंने क्षेत्र में अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया। इससे पूर्व 27 मई 2025 को कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में 31 मईकृविश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आगामी मई से अगस्त 2025 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया। इसमें जिले की समस्त नगरीय निकायों व ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। इस बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि कोटपा अधिनियम के तहत समय-समय पर निरीक्षण एवं चालानी कार्रवाई लगातार की जाए ताकि जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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