राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल राजनांदगांव के जीई रोड स्थित सत्यानंद आश्रम में आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने शासकीय शिवनाथ महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारियों, उनकी भूमिका और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

संजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत अभियान, ग्रामीण विकास, डिजिटल इंडिया और राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और सकारात्मक सोच का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।

नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
संजय अग्रवाल ने नशामुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। युवा स्वयं नशे से दूर रहकर और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करके इस अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएं और लोगों को स्वस्थ एवं बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने ग्रामीण विकास के विषय पर भी युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलता है। युवाओं की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने तथा विकास से जुड़े प्रयासों को नई दिशा देने में मदद मिल सकती है।
डिजिटल इंडिया और राष्ट्र सेवा में आगे आएं युवा
कार्यक्रम में डिजिटल इंडिया के महत्व पर चर्चा करते हुए संजय अग्रवाल ने युवाओं को डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक और डिजिटल संसाधनों का उपयोग शिक्षा, जनजागरूकता तथा सामाजिक विकास के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। युवा अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक क्षमता के माध्यम से समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का प्रयास महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने व्यवहार, विचार और कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।

“सिर्फ कहने से नहीं होंगे निरोग, योग को जीवन में अपनाना होगा”
योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि “सिर्फ कहने से नहीं होंगे निरोग, योग को जीवन में अपनाना होगा।” उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि योग का महत्व केवल उसके बारे में बात करने या मंत्रों का उच्चारण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित योगाभ्यास और अनुशासित जीवनशैली अपनाने से ही इसके वास्तविक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रोच्चार के साथ नियमित योगाभ्यास को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही मानसिक संतुलन, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक हो सकता है। युवाओं को छोटी उम्र से ही स्वस्थ आदतें अपनानी चाहिए, ताकि वे अपने जीवन में स्वास्थ्य और अनुशासन को प्राथमिकता दे सकें।

स्वस्थ युवा, जागरूक समाज और सशक्त राष्ट्र का संदेश
संजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने, सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं जागरूक होंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, तभी स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
सत्यानंद आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को योग, सामाजिक उत्तरदायित्व, ग्रामीण विकास, डिजिटल जागरूकता और राष्ट्र सेवा के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।
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