Blog

‘रियासत वीथिका’ में राजसी परंपराओं, दुर्लभ धरोहरों और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होगी नई पीढ़ी

छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों का गौरवशाली इतिहास अब एक छत के नीचे सहेजने की योजना

रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत, राजसी परंपराओं और समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य की 14 पूर्ववर्ती देसी रियासतों के इतिहास और उनसे जुड़ी दुर्लभ धरोहरों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने के लिए आज रायपुर के उद्योग भवन स्थित पर्यटन मंडल के सभाकक्ष में रियासतों के वंशजों के साथ ‘रियासत वीथिका’ स्थापित करने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कार्ययोजना की जानकारी देने के साथ राज परिवारों के वंशजों से सुझाव लिए गए। इस अनूठी पहल से प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलने के साथ ही विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के राजसी इतिहास और सांस्कृतिक वैभव को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि प्रदेश का इतिहास पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है। यहां की रियासतों ने छत्तीसगढ़ को देश में विशिष्ट पहचान दिलाई है। राज्य सरकार ऐतिहासिक महलों को हेरिटेज पर्यटन और होमस्टे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी गंभीरता से कार्य कर रही है। इससे ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन की नई संभावनाएं विकसित होंगी।

Oct 26 427

राजसी वैभव और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत दस्तावेज बनेगी ‘रियासत वीथिका’

प्रस्तावित रियासत वीथिका में विभिन्न रियासतों की राजदरबारी परंपराओं, राजचिह्नों, पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्कों, मुहरों, ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा तीज-त्योहारों और रीति-रिवाजों को प्रदर्शित करने की योजना है। वर्तमान में इन रियासतों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण धरोहरें राजमहलों, राज परिवारों के निजी संग्रहों, स्थानीय संग्रहालयों और अभिलेखागारों में संरक्षित हैं। इन्हें सुव्यवस्थित ढंग से एक मंच पर प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ के इतिहास, कला और संस्कृति की समग्र झलक उपलब्ध कराई जाएगी।

राज परिवारों की सहभागिता से तैयार होगी ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की रूपरेखा

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने उद्योग भवन स्थित पर्यटन मंडल के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विभिन्न रियासतों के वंशजों और प्रतिनिधियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित रियासत वीथिका की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य रियासतों की विशिष्ट ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रभावी प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि ‘रियासत वीथिका’ के विकास में संबंधित राज परिवारों के सुझाव और मार्गदर्शन को विशेष महत्व दिया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रत्येक रियासत से संपर्क कर ऐतिहासिक सामग्री और संबंधित जानकारियों का संकलन एवं दस्तावेजीकरण करेगा।

पर्यटन और शोध के नए अवसरों के साथ सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी मजबूती

रियासत वीथिका की स्थापना से छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है। यह गैलरी विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकेगी। राज परिवारों के सहयोग से विकसित होने वाली यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने और भावी पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में रायगढ़ राजघराने से राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, सरगुजा से श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव एवं श्रीमती कुमुदिनी देवी, सारंगढ़ से डॉ. परिवेश मिश्र एवं सुश्री कुलिशा देवी, कवर्धा से श्री योगेश्वर राज सिंह एवं श्री मैकलेश्वर सिंह, छुईखदान से श्री गिरिराज किशोर दास, उदयपुर-धरमजयगढ़ से श्री जितेन्द्र नरसिंह राणा तथा खैरागढ़ से श्री आर्यव्रत सिंह एवं सुश्री शताक्षी सिंह ने सहभागिता की। राज परिवारों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित वीथिका को अधिक प्रभावी और आकर्षक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सक्ती से श्री धर्मेंद्र सिंह, सरगुजा से श्री विन्धेश्वर सिंह देव भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े।

The post ‘रियासत वीथिका’ में राजसी परंपराओं, दुर्लभ धरोहरों और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होगी नई पीढ़ी appeared first on ShreeKanchanpath.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button