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दलेर मेहंदी प्रकरण पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा- “उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें बता देना चाहिए था

नई दिल्ली: उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से दिग्गज गायक दलेर मेहंदी की तीखी आलोचना का मामला तूल पकड़ रहा है। दलेर मेहंदी के समर्थन में बॉलीवुड से तमाम कलाकार सपोर्ट में उतरे हैं। गायक मीका सिंह ने भी अपने बड़े भाई और कलाकार दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए मंत्री से माफी की मांग की है। इस बीच उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो उन्हें बता देना चाहिए था, मेरा मकसद उन्हें दुख पहुंचाना नहीं है।

मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर प्रकरण पर क्या कहा?

मंत्री सुबोध उनियाल ने बुधवार को कहा कि दलेर को बता देना चाहिए था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, उन्हें परफॉर्म करने के लिए नहीं आना चाहिए था। सुबोध ने कहा, “गायक केवल लिप-सिंक कर रहे थे, जबकि बैकग्राउंड में संगीत बज रहा था।”

सुबोध के मुताबिक, कार्यक्रम की आयोजन समिति से जुड़े एक जन प्रतिनिधि के तौर पर, उन पर उन लोगों की ओर से दबाव पड़ा जो इस बात पर सवाल उठाना चाहते थे।

क्या हुआ था?

रविवार रात नई टिहरी इलाके के नरेंद्र नगर में उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम था। इस दौरान जब मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे, तब उनियाल मंच पर आ गए और अपनी नाराजगी जताई, जिससे एक विवाद खड़ा हो गया।

मंत्री ने कहा कि मेहंदी न तो बोल पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे, इसलिए उन्हें लगा कि गायक किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में हैं।

उनियाल ने कहा, “दलेर मेहंदी एक बड़ा नाम हैं, इसलिए उन्हें कुंजापुरी मेले में आमंत्रित किया गया था। लेकिन परफॉरमेंस के दौरान यह साफ हो गया कि वे असल में गा नहीं रहे थे, बल्कि सिर्फ लिप-सिंक कर रहे थे। एक स्थानीय प्रतिनिधि होने और आयोजन समिति से जुड़े होने के नाते, मुझ पर उन लोगों का दबाव था जो इस मामले पर सवाल उठाना चाहते थे।”

मेहंदी के खिलाफ मेरी कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही उन्हें ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा: मंत्री

उनियाल ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसलिए वह बोल नहीं पा रहे थे। उनियाल ने कहा, “हमें कलाकार को 35 लाख रुपये का पूरा भुगतान एडवांस में करने के लिए कहा गया था; होटल भी पहले से बुक कर लिए गए थे। मेहंदी के खिलाफ मेरी कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही उन्हें ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा है, लेकिन इतने बड़े कलाकार को, अपनी हालत जानते हुए, परफॉर्म करने से मना कर देना चाहिए था।”इससे पहले  थे और उन्होंने खरी-खरी सुनाई थी और कहा था कि  कला को खरीदा नहीं जा सकता।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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