*बोड़ला के वनांचल में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण सुधार के लिए अभियान तेज*
*ग्राम कुम्हान-नंदनी में स्वास्थ्य विभाग के छह दल सक्रिय, 61 घरों का सर्वेक्षण कर किया स्वास्थ्य जांच*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और कुपोषण की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।। बोड़ला विकासखंड के ग्राम कुम्हान-नंदनी में बच्चों की मृत्यु और कुछ बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच, बीमारी की पहचान, उपचार और पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर पहुंचकर बच्चों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है, वहीं जरूरतमंद बच्चों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है।
छह स्वास्थ्य दलों ने किया सर्वेक्षण, 21 शिविर लगाए
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के छह दलों द्वारा 21 स्वास्थ्य शिविर एवं पीवीटीजी शिविर आयोजित किए गए हैं। ग्राम कुम्हान-नंदनी के 61 घरों का सघन सर्वेक्षण कर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, मलेरिया की आशंका, टीकाकरण और उपचार की जरूरतों का आकलन किया गया। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बच्चों के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पोषण स्तर में सुधार के लिए बच्चों का उपचार
बच्चों में कुपोषण की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार के लिए भेजा गया। वहीं, 15 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में 15 बच्चों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। यहां बच्चों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार और पोषण स्तर में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार, संपूर्ण टीकाकरण और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।
गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर निगरानी
वनांचल क्षेत्र में ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर समनापुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मितानिनों के माध्यम से भी बच्चों और परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की जा रही है। आपात स्थिति में 108, 102 और शासकीय एंबुलेंस की सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा दी जा रही है। जन चैपालों के जरिए ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जा रही है।
जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला ग्रामीण परिवारों से संपर्क कर बच्चों की स्थिति पर नजर रख रहा है। साथ ही, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों के समन्वय से बच्चों को आवश्यक जांच, उपचार, पोषण आहार और टीकाकरण की सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।





