छत्तीसगढ़

25 सितंबर से जिले के 1,743 आंगनबाड़ी केंद्रों में सजेगी ‘पोषण थाली

*25 सितंबर से जिले के 1,743 आंगनबाड़ी केंद्रों में सजेगी ‘पोषण थाली’*

*जनसहभागिता से ‘न्योता भोज’ और ‘खिलौना बैंक’ को सफल बनाने की विशेष अपील*

कवर्धा,  सितंबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कबीरधाम जिले की सभी 9 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाले 1,743 आंगनबाड़ी केंद्रों में तिथिवार एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की सहभागिता के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना, कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लिए नागरिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में हितग्राही माताओं, अभिभावकों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर को कवर्धा परियोजना, 26 सितंबर को बोड़ला एवं कुंडा परियोजना, 27 सितंबर को तरेगांव जंगल परियोजना, 28 सितंबर को सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया परियोजना, 29 सितंबर को चिल्फी परियोजना तथा 30 सितंबर को कुकदुर एवं दशरंगपुर परियोजना में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों एवं स्वयं के बेहतर पोषण के लिए करने वाली सजग माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही गर्भवती माताओं, महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण जांच की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार टीकाकरण भी किया जाएगा। सामुदायिक सहभागिता के साथ ‘मेरी पौष्टिक थाली’ गतिविधि के अंतर्गत पोषण थाली एवं पौष्टिक व्यंजनों को तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि परिवारों को स्थानीय एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम में जनसहयोग से बच्चों के लिए स्वादिष्ट एवं पौष्टिक ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया जाएगा। विभाग ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय के अन्य लोगों से आगे बढ़कर इस पहल में सहयोग करने की अपील की है। बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ फल एवं मिठाई का वितरण किया जाएगा। महिलाओं के लिए मेहंदी, रंगोली तथा ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
जहां स्थान उपलब्ध होगा, वहां आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने के लिए पौधारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ की मुहिम को बढ़ावा देते हुए परिवारों को मुनगा एवं अन्य पोषणयुक्त पौधों के रोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा। बच्चों के लिए खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘खिलौना बैंक’ की पहल को भी जनसहयोग से मजबूत किया जाएगा। समुदाय के लोगों से अपील की जाएगी कि वे उपयोगी खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों के खिलौना बैंक में उपलब्ध कराएं, जिससे बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का बेहतर वातावरण तैयार हो सके।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों के योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके सेवाभावी कार्यों के लिए सम्मान किया जाएगा। विभाग द्वारा बताया गया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास से संबंधित गतिविधियों में जनभागीदारी को और मजबूत किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने कबीरधाम जिले के सभी नागरिकों, हितग्राही माताओं, अभिभावकों तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में सहभागिता करें तथा ‘न्योता भोज’, ‘खिलौना बैंक’, ‘पोषण वाटिका’ और ‘मेरी पौष्टिक थाली’ जैसी जनभागीदारी आधारित गतिविधियों को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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