नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ गाने ऐसे बने हैं जो आज दशकों बाद भी सुनने वालों की आंखें नम कर देते हैं. ऐसा ही एक कालजयी नगमा है 1963 में आई फिल्म ‘दिल एक मंदिर’ का गाना ‘हम तेरे प्यार में सारा आलम खो बैठे’. जब भी इस गाने के सुर गूंजते हैं, तो सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर की सुरीली और दर्दभरी आवाज सीधे दिल में उतर जाती है. आज भी इस गाने की चमक फीकी नहीं पड़ी है.इस सदाबहार गीत के बोल मशहूर गीतकार हसरत जयपुरी ने लिखे थे. उन्होंने जिस सादगी और गहराई के साथ मोहब्बत, समर्पण और दर्द को पिरोया था, वह आज भी सीधे दिल पर वार करता है. दिग्गज संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन ने इस गाने की धुन तैयार की थी. लता मंगेशकर की आवाज, हसरत जयपुरी के गहरे बोल और शंकर-जयकिशन का मिलकर इस गाने को भारतीय सिनेमा का एक अनमोल रत्न बना दिया.
इमोशनल है ‘दिल एक मंदिर’ की कहानी
सीवी श्रीधर के निर्देशन में बनी इस इमोशनल ड्रामा फिल्म में मीना कुमारी, राजेंद्र कुमार और राज कुमार लीड किरदारों में थे. फिल्म की कहानी एक बहुत ही भावुक लव ट्राइएंगल के इर्द-गिर्द घूमती है. सीता (मीना कुमारी) अपने पति राम (राज कुमार) से बेपनाह प्यार करती है, जो कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. राम के इलाज के लिए वह डॉक्टर धर्मेश (राजेंद्र कुमार) के पास जाती है, जो कोई और नहीं बल्कि सीता का अतीत और उनका पहला प्यार होता है.
63 सालों के बाद भी कालजयी है इमोशनल गाना
डॉक्टर धर्मेश अपने फर्ज और मोहब्बत के बीच पिसते हुए राम का इलाज करता है, जबकि सीता अपने पति को बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करती है. त्याग, प्रेम और समर्पण की फिल्म ‘दिल एक मंदिर’ दर्शकों के दिलों को झकझोर कर रख देती है. 63 साल बाद भी यह फिल्म और इसका गाना ‘हम तेरे प्यार में सारा आलम’ संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है. आईएमडीबी पर फिल्म को 10 में से 7.5 रेटिंग मिली है.





