भिलाई निगम के जोन-2 में गौरव पथ से लेकर चंद्रा मौर्या से कोहका रोड सहित सभी खंबों पर अवैध बैनर-पोस्टर की भरमार
भिलाई। नगर निगम भिलाई में अवैध बैनर पोस्टर के कारण करोड़ों के राजस्व का खेल हो रहा है। इसमें सीधे तौर पर निगम के अफसरों की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। श्रीकंचनपथ डॉट कॉम में जोन क्रमांक 1 में अवैध बैनर पोस्टर की खबर 3 सितंबर को पोस्ट हुआ था। अब इसी कड़ी में जोन क्रमांक 2 के सड़कों की हालत से भी पाठकों को रूबरू कराते हैं। जोन क्रमांक एक से कहीं ज्यादा जोन 2 की सड़कों का बुरा हाल है। सड़कों पर लगे ट्यूबलर पोल सहित स्ट्रील लाइट के खंबों पर पर स्कूल, कालेज, कोचिंग क्लास, अस्पताल, क्लिनिक सहित नेताओं के बधाई संदेश वाले बैनर पोस्टर अवैध रूप से लगे हैं।
आपकों को बता दें शहर के नगर निगम में कुछ ही एडवर्टाइजर्स हैं जो नगर निगम के पंजीकृत वेंडर्स की श्रेणी में आते हैं। इनके द्वारा निगम को रेंट दिया जाता है और अवैध बैनर पोस्टर के कारण इनके बिजनेस को नुकसान हो रहा है। नुकसान केवल पंजीकृत एडवर्टाइजर्स को ही नहीं बल्कि नगर निगम को भी सालाना करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। विज्ञापन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने का सिलसिला लंबे समय से जारी है। इस संबंध में कई बार नगर निगम का ध्यान भी आकर्षित कराया गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
जोन-2 कार्यालय के पास खंबों को भी नहीं छोड़ा
भिलाई निगम के जोन क्रमांक 2 का कार्यालय वैशाली नगर मध्य में है और यह पूरी तरह रिहायसी क्षेत्र है। यहां पर आसपास जितने भी स्ट्रील लाइट के खंबें हैं सभी में अवैध बैनर पोस्टर टंगे हुए हैं। निगम के जोन कार्यालय के पास बेखौफ होकर अवैध रूप से बैनर पोस्टर लगाए जा रहे हैं और अफसरों की आंखें बंद हैं। हालात ऐसे हैं यहां से गुजरने वालों लोगों को इन बैनर पोस्टर से खतरा बना हुआ है। बिजली के खंबों पर लगे ये पोस्टर बैनर लटकते-गिरते रहते हैं जिसके कारण यातायात की सुरक्षा भी खतरे में आ जाती है।
इन रास्तों पर गुजरें तो रहे सावधान
जोन-2 के अंतर्गत वैशाली नगर विधानसभा का एक बड़ा क्षेत्र कवर होता है। वैशाली नगर का गौरव पथ जो छावनी चौक तक बना हुआ है उसके सभी खंबो पर अवैध बैनर पोस्टर दिख जाएंगे। इसके साथ चंद्रा मौर्या चौक से परदेशी चौक, गौरव पथ ओम शांति चौक से भगवा चौक और 18 नंबर रोड के हर एक खंबे पर अवैध होर्डिंग बैनर पोस्टर की भरमार है। यहीं नहीं अवैध बैनर पोस्टर जोन 2 के तहत आने वाले नेशनल हाइवे पर भी टांग दिए गए हैं। इसका उदहारण चंद्रा मौर्या चौक व भिलाई पावर हाउस में बने फ्लाई ओवर में दिख जाएगा।
रजिस्टर्ड वेंडर्स को हो रहा नुकसान
निगम के जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी के कारण रजिस्टर्ड वेंडर्स को प्रति माह लाखों का नुकसान हो रहा है। बिना अनुमति अवैध बैनर पोस्टर टांगने वाले कारोबारियों से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और इसका हिस्सा रेंट के रूप में निगम को नहीं रहे। जो वेंडर लीगल रजिस्टर्ड हैं वे निगम को सालाना लाखों रुपए किराए के रूप में दे रहे हैं। सीधे तौर पर नियमों का पालन करने वाले विज्ञापनदाताओं के कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। नियमों के तहत शुल्क जमा कर विज्ञापन लगाने वाले कारोबारियों का कहना है कि जब अवैध विज्ञापनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी तो नियमों के मुताबिक शुल्क देने वाले क्या करें।
निगम की कार्रवाई पर सवाल
नगर निगम दावा करता है कि समय समय पर अवैध बैनर पोस्टर हटाए जाते हैं, लेकिन इनकी कार्रवाई पर भी सवाल उठता है। दरअसल बैनर पोस्टर हटाते तो हैं लेकिन तुरंत बाद ही दूसरे टंग जाते हैं। जबकि निगम को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो इस तरह का अवैध करोबार कर रहे हैं। हैरानी तो तब होती है जब इनके कार्यालय के सामने ही सैकड़ों की संख्या में अवैध बैनर पोस्टर लगे हुए हैं। निगम के अफसरों को या तो यह बताना चाहिए कि शहर में कितने वैध बैनर पोस्टर लगे हैं या फिर उन्हें इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में स्थितियां बेहतर हों।
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