छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में आई खुशियां

*प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में आई खुशियां*

*99 हजार 790 ग्रामीण परिवारों को मिला पक्का घर, सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की नींव*

*आवास निर्माण से हितग्राहियों को 90 दिनों का रोजगार, शौचालय सहित विभिन्न योजनाओं का मिल रहा लाभ*

कवर्धा, सितंबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन तथा कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण परिवार सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन जी सकें। कबीरधाम जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। जिला प्रशासन और हितग्राहियों के सामूहिक प्रयासों से आवास निर्माण कार्य को गति मिली है।
वर्ष 2016 से 2023 तथा वर्ष 2024 से 2026 तक जिले को कुल 1,00,091 आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध 99,790 आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत आवासों में से अब तक 86,477 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन आवासों में ग्रामीण परिवार गृह प्रवेश कर अपने पक्के घर में सुरक्षित एवं खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और आत्मविश्वास लाने का सशक्त माध्यम बन रही है।

*आवास निर्माण का लक्ष्य और अभी तक पूरे हुए आवास की जानकारी*

वर्ष 2016 से 2023 के दौरान कबीरधाम जिले को 48 हजार 656 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत 48 हजार 656 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें से 48 हजार 634 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 48 हजार 61 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त तथा 47 हजार 550 हितग्राहियों को तृतीय किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। इस अवधि में 47 हजार 164 आवासों का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2024 से 2026 के दौरान जिले को 51 हजार 435 आवासहीन ग्रामीण परिवारों के लिए आवास निर्माण का लक्ष्य मिला। इनमें से 51 हजार 134 आवास स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 50 हजार 849 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 47 हजार 206 को द्वितीय किश्त तथा 37 हजार 496 हितग्राहियों को तृतीय किश्त की राशि जारी की जा चुकी है। इस अवधि में अब तक 39 हजार 313 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। दोनों अवधियों को मिलाकर कबीरधाम जिले में कुल 99 हजार 790 आवासहीन परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 86 हजार 477 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में स्वीकृत आवासों में से लगभग 87 प्रतिशत आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जबकि राज्य का औसत लगभग 84 प्रतिशत है। यह उपलब्धि जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मैदानी स्तर पर किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

*नियमित समीक्षा और मैदानी निगरानी से आवास निर्माण को मिली गति*

आवास निर्माण की प्रगति को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, जनपद पंचायतवार प्रगति की निगरानी तथा ग्राम पंचायत स्तर पर हितग्राहियों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हितग्राहियों को समय पर किश्त की राशि प्राप्त हो तथा किश्त मिलने के बाद आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो। ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक एवं आवास मित्र द्वारा हितग्राहियों को आवास निर्माण के प्रत्येक चरण में आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे हितग्राही स्वयं आवास निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने सपनों के पक्के घर को आकार दे रहे हैं।

*रोजगार, शौचालय सहित अन्य योजनाओं के अभिसरण से हितग्राहियों को मिल रहे अनेक लाभ*

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की विशेषता यह है कि इसके साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का अभिसरण कर हितग्राही परिवारों को व्यापक लाभ पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण परिवारों ने स्वयं अपने पक्के आवास के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई है। आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन-ग्रामीण के तहत 90 दिनों के रोजगार का अवसर भी मिला है। इसमें प्रचलित मजदूरी दर के अनुसार राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे जारी की जा रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। आवास के साथ शौचालय की सुविधा उपलब्ध होने से परिवारों को स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन का वातावरण मिला है। पहले जो परिवार बारिश, गर्मी और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण असुरक्षित कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे, उन्हें अब पक्का एवं सुरक्षित आवास मिलने से जीवन में स्थायित्व आया है। पक्का आवास मिलने से परिवारों को केवल सुरक्षित रहने का स्थान ही नहीं मिला, बल्कि बच्चों के लिए बेहतर वातावरण, महिलाओं के लिए सुरक्षा तथा परिवार के सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। योजना के अभिसरण से हितग्राही परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, नल-जल योजना के माध्यम से स्वच्छ पेयजल, पंडित दीनदयाल सहज बिजली योजना के तहत विद्युत सुविधा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ने सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

*पक्का घर बना सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव*

कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हासिल यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की सफलता नहीं है, बल्कि उन हजारों ग्रामीण परिवारों के सपनों के साकार होने की कहानी है, जिन्हें अब अपना सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर मिल चुका है। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से कबीरधाम जिले में ग्रामीण परिवारों के जीवन में आया यह सकारात्मक परिवर्तन सुशासन, जनभागीदारी और सतत विकास का सुखद परिणाम है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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