छत्तीसगढ़

साइबर जागृति अभियान के तहत डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से बचाव को लेकर नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक।*

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*साइबर जागृति अभियान के तहत डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से बचाव को लेकर नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक।*

*नशामुक्ति अभियान के तहत युवाओं एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से कराया अवगत।*

*यातायात जागरूकता के तहत सड़क सुरक्षा एवं आवश्यक यातायात नियमों कि दी गई जानकारी।*

कबीरधाम पुलिस द्वारा नागरिकों को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव एवं सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे सप्ताह में “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से बचाव” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति एवं यातायात सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में दिनांक 02.09.2026 को थाना झलमला पुलिस टीम द्वारा पंचायत भवन में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चौकी पोडी पुलिस टीम द्वारा ग्राम मानिकपुरी, सूरजपुर एवं रामहेपुर खुर्द में, थाना कुंण्डा पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र के बाजार में तथा चौकी बैजलपुर पुलिस टीम द्वारा ग्राम सिंघारी में साइबर जागृति अभियान के साथ नशामुक्ति एवं यातायात जागरूकता के संबंध में भी नागरिकों को जानकारी दी गई।

*डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से रहें सतर्क*
कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को बताया गया कि साइबर ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई अथवा अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और वीडियो कॉल पर पूछताछ या जांच के नाम पर पैसों की मांग करते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे किसी भी कॉल से घबराएं नहीं और न ही दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर करें। तत्काल पुलिस से संपर्क करें तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।

नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने, फर्जी वीडियो कॉल से सावधान रहने तथा सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता बनाए रखने की समझाइश दी गई। ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई।

*नशामुक्ति अभियान—नशे से दूर रहने का दिया संदेश*

जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान युवाओं एवं ग्रामीणों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों एवं परिवार के सदस्यों को भी नशे के प्रति जागरूक करने की अपील की।

पुलिस द्वारा बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, रोजगार एवं सकारात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित किया गया।

*यातायात जागरूकता—सड़क सुरक्षा के लिए बताए आवश्यक नियम*

कार्यक्रमों में नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में भी जागरूक किया गया। पुलिस द्वारा समझाइश दी गई कि वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, शराब अथवा नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाएं, यातायात सिग्नल एवं सड़क संकेतों का पालन करें तथा नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकें।

दोपहिया वाहन चालकों एवं पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय ओवरटेकिंग में सावधानी बरतने तथा पैदल यात्रियों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की समझाइश दी गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं एवं दूसरों का जीवन सुरक्षित रखने के लिए हैं।

*छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल करियर की दी जानकारी*

छात्र-छात्राओं को इंटरनेट एवं डिजिटल तकनीक का सुरक्षित एवं सकारात्मक उपयोग करने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने तथा साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल क्षेत्र में उपलब्ध करियर के अवसरों के संबंध में भी जानकारी दी गई।

*साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत*

कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।

जिला पुलिस कबीरधाम द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम, नशामुक्त समाज के निर्माण एवं सड़क सुरक्षा के लिए लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य नागरिकों को जागरूक कर सुरक्षित, जिम्मेदार एवं अपराधमुक्त समाज की दिशा में सहभागिता सुनिश्चित करना है।

*कबीरधाम पुलिस की अपील—*

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराध से बचें, नशे से दूर रहें और यातायात नियमों का पालन कर अपना एवं दूसरों का जीवन सुरक्षित रखें।”

Manoj Mishra

Editor in Chief

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