*कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव द्वारा लिया गया क्राइम मीटिंग।*
*लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण व कानून व्यवस्था को लेकर एस.पी. श्री जितेन्द्र कुमार यादव सख्त — थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।*
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित क्राइम मीटिंग में जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने थाना एवं चौकी प्रभारियों को लंबित अपराधों के निराकरण में तेजी लाने तथा विवेचना में अनावश्यक देरी पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए।
क्राइम मीटिंग में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने थाना एवं चौकीवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग, शिकायत एवं लंबे समय से लंबित विवेचना प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक प्रकरण के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
60 एवं 90 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की विशेष समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गंभीर एवं लंबित मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक थाना प्रभारी अपने थाना क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा विवेचना की प्रगति सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में निराकरण करें। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही बरतने वाले मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
क्राइम मीटिंग में धारा 173(8) दप्रसं/धारा 193(9) BNSS के तहत लंबित विवेचना, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ICJS पोर्टल पर प्रकरणों की एंट्री एवं अद्यतन जानकारी की भी समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराध नियंत्रण केवल प्रकरण दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी, प्रभावी विवेचना एवं प्रकरणों के अंतिम निराकरण तक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चोरी, हत्या, लूट, महिला एवं बाल अपराध सहित गंभीर मामलों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
साथ ही थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी, अपराध संभावित क्षेत्रों की पहचान तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। आमजन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
*बेहतर कार्य करने वाले थाना प्रभारियों की सराहना* क्राइम मीटिंग में थाना पांडातराई, थाना कुकदूर, थाना पिपरिया, थाना चिल्फी, साइबर थाना एवं थाना सहसपुर लोहारा, चौकी पोडी के थाना/चौकी प्रभारियों एवं पुलिस टीम द्वारा अपराध निराकरण, चोरी, हत्या एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रकरणों में किए गए बेहतर कार्य की पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव द्वारा सराहना की गई।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसी क्रम में प्रत्येक माह “कॉप्स ऑफ द मंथ” के तहत अपराध नियंत्रण, उत्कृष्ट विवेचना, त्वरित अपराध निराकरण, कानून-व्यवस्था एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
*कानून-व्यवस्था को लेकर भी दिए निर्देश* क्राइम मीटिंग के दौरान जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आगामी आयोजनों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था से संबंधित किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित हो।
क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, उप पुलिस अधीक्षक श्री संजय ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री आशीष शुक्ला, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बोडला श्री अखिलेश कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रमिला मंडावी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया श्री भूपत सिंह सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।





