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छत्तीसगढ़ में मानसून का दिखा असर : लबालब हुए जलाशय… बीते दो सालों में बेहतर स्थिति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति इस साल बेहतर है। जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 17 अगस्त 2026 की स्थिति में राज्य के 12 प्रमुख और 34 मध्यम जलाशयों को मिलाकर कुल 46 जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का 87.67 प्रतिशत पानी मौजूद है। जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 6360.23 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) है, जबकि वर्तमान में इनमें 5575.92 एमसीएम पानी भरा हुआ है।

खास बात यह है कि 17 अगस्त की स्थिति में इस साल जलाशयों में पानी का स्तर पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर है। वर्ष 2025 में इन्हीं जलाशयों में क्षमता का 75.63 प्रतिशत पानी था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 81.23 प्रतिशत था। इस तरह 2026 में जलभराव 2025 के मुकाबले 12.04 प्रतिशत अंक और 2024 के मुकाबले 6.44 प्रतिशत अंक अधिक है। राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 5355.709 एमसीएम है। इनमें वर्तमान में 4802.835 एमसीएम पानी है, जो 89.68 प्रतिशत है। वर्ष 2025 में इसी तारीख को प्रमुख जलाशयों में 81.15 प्रतिशत और 2024 में 75.86 प्रतिशत जलभराव था। यानी प्रमुख जलाशयों की स्थिति भी दोनों पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है।

कई जलाशय 100 प्रतिशत भरे
कई जलाशयों में पानी उनकी लाइव क्षमता के लगभग बराबर पहुंच चुका है। प्रमुख जलाशयों में खारंग और मनियारी जलाशय 100 प्रतिशत, जबकि कोडार 99.26 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली 89.42 प्रतिशत भरा हुआ है। मिनीमाता बांगो में 94.13 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 85.63 प्रतिशत और सोंडूर में 89.59 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।

मध्यम जलाशयों में भी कई जलाशय लगभग लबालब हैं। कोसारटेडा 99.80 प्रतिशत, घोंघा 100 प्रतिशत, झुमका 100 प्रतिशत, केदार नाला 99.98 प्रतिशत और पुतका नाला 100 प्रतिशत भरा हुआ है। वहीं सुतियापाट में 93.66 प्रतिशत और खपरी जलाशय में 85.19 प्रतिशत जलभराव है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 17 अगस्त 2026 को 46 प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में कुल 5575.92 एमसीएम पानी है। 2025 में इसी तारीख को यह मात्रा 4810.07 एमसीएम थी। यानी इस साल करीब 765.85 एमसीएम अधिक पानी है। वहीं 2024 में 17 अगस्त की स्थिति में 5166.10 एमसीएम जलभराव था। इसके मुकाबले इस साल 409.82 एमसीएम अधिक पानी उपलब्ध है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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