*आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि सेवा केन्द्रों में 15 अगस्त तक होगी जनसुनवाई*
*जनशिकायतों का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने लगाया जा रहा शिविर*
कवर्धा, अगस्त 2026। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार आदि कर्मयोगी अभियान का क्रियान्वयन जनजाति बाहुल्य ग्रामों में किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आदि सेवा केन्द्रों और आदि कर्मयोगी वालंटियर्स के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवा वितरण को सुदृढ़ करना है। इन ग्राम-स्तरीय आदि सेवा केन्द्रों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन के अंतर्गत पात्रता संबंधी सुविधा, शिकायत निवारण, शासकीय योजनाओं के समन्वय और सामुदायिक सहभागिता के लिए स्थायी मंच के रूप में विकसित किया गया है।
जिले के सभी विकासखंडों के कुल 275 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में 13 से 15 अगस्त 2026 तक जिले के सभी आदि सेवा केन्द्रों में जनसुनवाई (जनशिकायत निवारण एवं लाभार्थी संतृप्ति शिविर) आयोजित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों के सुचारू संचालन से जनजातीय नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को सुलभ बनाने तथा ग्राम स्तर पर सहभागी और उत्तरदायी शासन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिल रहा है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण करने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
जनसुनवाई के आयोजन में आदिम जाति विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बैंकिंग/सीएससी तथा अन्य संबंधित विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। शिविरों में संबंधित विभागों की योजनाओं एवं सुविधाओं से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा तथा जनजातीय नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। आदि कर्मयोगी वालिंटियर्स की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित करने तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा निर्मित एनआईसी पोर्टल https://adiprasaran.tribal.gov.in/jansunwai/CreateUsers.aspx पर की गई कार्यवाही की जानकारी अपलोड की जाएगी।





