राजगिरा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसे कई जगह रामदाना, चौलाई और अमरंथ के नाम से भी जाना जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को पोषण देने और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. सावन और नवरात्रि जैसे व्रतों में राजगिरा के आटे से पूरी, पराठा, हलवा, लड्डू और थालीपीठ जैसी कई स्वादिष्ट फलाहारी डिश बनाई जाती हैं.
ज्यादातर लोग इसके लिए बाजार से आटा खरीदते हैं, लेकिन अगर आप शुद्ध और ताजा आटा इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसे घर पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ राजगिरा (रामदाना) के साबुत दानों की जरूरत होगी. आइए जानते हैं घर पर राजगिरा का आटा बनाने का आसान तरीका.
राजगिरा का आटा बनाने के लिए क्या चाहिए?
500 ग्राम राजगिरा (रामदाना) के साबुत दाने
घर पर कैसे बनाएं राजगिरा का आटा?
- राजगिरा का आटा बनाने के लिए सबसे पहले राजगिरा के दानों को एक बड़ी थाली में फैलाकर अच्छी तरह साफ कर लें. अगर इनमें कोई कंकड़, भूसी या दूसरी अशुद्धियां हों तो उन्हें निकाल दें.
- अब एक कड़ाही को मीडियम गैस पर गर्म करें. कड़ाही गर्म होने पर उसमें राजगिरा के दाने डालें और लगातार चलाते हुए 3 से 5 मिनट तक हल्का भून लें. ध्यान रखें कि दाने ज्यादा न भूनें, वरना उनका स्वाद बदल सकता है.
- इसके बाद भुने हुए दानों को एक प्लेट या थाली में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें.
- जब दाने ठंडे हो जाएं तो उन्हें मिक्सर या ग्राइंडर में थोड़ा-थोड़ा करके डालें और बारीक पीस लें.
- अब पिसे हुए आटे को महीन छलनी से छान लें. जो मोटा हिस्सा बच जाए, उसे दोबारा पीसकर फिर से छान लें. इससे आटा एकदम मुलायम और बारीक तैयार होगा.
- आखिर में तैयार राजगिरा के आटे को किसी साफ और एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें.
- इस तरह घर पर बना शुद्ध राजगिरा का आटा लंबे समय तक ताजा रहता है और इससे आप व्रत के लिए रोटी, पराठा, पूरी, चीला और कई दूसरी स्वादिष्ट फलाहारी रेसिपी आसानी से बना सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
- दानों को पीसने से पहले अच्छी तरह साफ कर लें.
- दानों को हल्का ही भूनें, ज्यादा भूनने से स्वाद खराब हो सकता है.
- एक बार में बहुत ज्यादा दाने ग्राइंडर में न डालें.
- आटे को हमेशा महीन छलनी से जरूर छानें.
- तैयार आटे को नमी से बचाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें.





