छत्तीसगढ़

डेयरी उत्पादों के निर्माता, वितरक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग एवं अन्य खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों के लिए जारी हुए निर्देश*

*कबीरधाम जिले में “एनालॉग पनीर” प्रतिबंधित*

*डेयरी उत्पादों के निर्माता, वितरक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग एवं अन्य खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों के लिए जारी हुए निर्देश*

*खाद्य सुरक्षा विभाग चलाएगा विशेष जांच अभियान, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई*

कवर्धा, अगस्त 2026/ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला कबीरधाम में डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय एवं उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा, भ्रामक व्यापारिक गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि डेयरी एनालॉग ऐसा उत्पाद है, जो दिखने, स्वाद और बनावट में पनीर जैसा होता है, लेकिन उसका निर्माण पूरी तरह दूध से नहीं किया जाता। इसमें दूध के स्थान पर या उसके साथ वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है। ऐसे उत्पादों की अलग पहचान और लेबलिंग का प्रावधान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा किया गया है, ताकि उपभोक्ता वास्तविक पनीर और डेयरी एनालॉग के बीच अंतर समझ सकें।
हाल के निरीक्षणों में यह पाया गया कि कई खाद्य कारोबारकर्ता डेयरी एनालॉग उत्पादों को पनीर, मलाई पनीर या फ्रेश पनीर जैसे नामों से बेच रहे थे, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो रहे थे। कई मामलों में निर्धारित मानकों के अनुरूप लेबलिंग भी नहीं पाई गई। वहीं होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग प्रतिष्ठानों में भी उपयोग किए जा रहे पनीर की वास्तविक प्रकृति उपभोक्ताओं को स्पष्ट नहीं बताई जा रही थी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी निर्माता, वितरक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग एवं अन्य खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग अथवा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दुग्ध उत्पादों का निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय या उपयोग न करें तथा केवल मानक अनुरूप खाद्य उत्पादों का ही उपयोग और विक्रय सुनिश्चित करें।

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने विभाग को प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित अथवा भ्रामक उत्पाद पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जब्ती, विनष्टीकरण, अभियोजन सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

*क्या है एनालॉग पनीर*
एनालॉग पनीर दूध के बजाय या उसके साथ वनस्पति वसा/तेल से तैयार उत्पाद है। यह दिखने और स्वाद में पनीर जैसा होता है, लेकिन विशुद्ध दुग्ध उत्पाद नहीं है। शासन ने उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने के लिए अलग लेबलिंग अनिवार्य किया है। जिले में इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया गया है।

*उपभोक्ताओं से जागरूकता की अपील, नकली पनीर बिक्री की दें सूचना*
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि पनीर अथवा अन्य दुग्ध उत्पाद खरीदते समय उसकी लेबलिंग और उत्पाद संबंधी जानकारी अवश्य जांचें। यदि किसी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य प्रतिष्ठान में संदिग्ध अथवा प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग (नकली पनीर) का निर्माण, विक्रय या उपयोग होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला कबीरधाम को मोबाइल नंबर 97138 24161 पर दें ताकि आवश्यक जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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