छत्तीसगढ़

महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, जिला पंचायत की स्थायी समिति में हुई विस्तृत समीक्षा*

*महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, जिला पंचायत की स्थायी समिति में हुई विस्तृत समीक्षा*

*पोषण आहार, आंगनबाड़ी भर्ती, कन्या विवाह योजना, नए केंद्रों की मांग और बालगृहों की व्यवस्थाओं पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव*

कवर्धा,  जुलाई 2026। जिला पंचायत कबीरधाम के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय स्थायी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती सुमित्रा पटेल ने की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन एवं मैदानी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा करते हुए योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए। बैठक में स्थायी समिति की सदस्य श्रीमती राजेश्वरी घृतलहरे, श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं श्रीमती ललिता धुर्वे उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आनंद कुमार तिवारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव, जिले के सभी परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को प्रदान किए जाने वाले रेडी-टू-ईट पोषण आहार की परियोजनावार समीक्षा की गई। सभापति श्रीमती सुमित्रा पटेल ने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार समय पर पहुंचना चाहिए, जिससे जिले में कुपोषण की दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ शीघ्र पूर्ण करने का सुझाव दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की प्रगति, उपलब्ध बजट एवं व्यय की समीक्षा की गई। समिति ने आगामी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को समय पर योजना का लाभ मिलना चाहिए। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नए आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में नए आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसंख्या मानकों के अनुरूप पात्र ग्रामों की सूची तैयार कर आवश्यक प्रस्ताव राज्य शासन को शीघ्र भेजे जाएं।

बैठक में जिले के बालगृहों एवं आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। वहां निवासरत बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के सुझाव दिए गए। बैठक के समापन पर सभापति श्रीमती सुमित्रा पटेल ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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