भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक ऐसी कॉलोनी, जहां मानसून की दस्तक ही लोगों की धड़कनें बढ़ा देती है. जब पूरा शहर बारिश की उम्मीद करता है, तब इस कॉलोनी के बाशिंदे बारिश न होने की दुआ मांगते हैं. एक तरफ आसमान से बूंदें बरसती हैं, तो दूसरी तरफ इस कॉलोनी में रहने वाले लोगों की आंखों से तकलीफ और दर्द के आंसू निकलते हैं.
इसका कारण है कटारा हिल्स स्थित करीब 25 साल पुरानी ‘स्वर्ण कुंज कॉलोनी’ में आज तक पक्की सड़क नहीं बनना. स्थानीय विधायक द्वारा दो-दो बार भूमिपूजन किए जाने के बावजूद सड़क निर्माण का काम अधर में लटका हुआ है. इससे परेशान होकर रविवार 26 जुलाई को लोगों ने अनोखा प्रदर्शन किया और सड़क पर धानकी फसल रोप दी. कटारा हिल्स की स्वर्ण कुंज कॉलोनी में करीब 500 से अधिक मकान बने हुए हैं और यहां 2 हज़ार से ज्यादा लोग निवास करते हैं. मध्यमवर्गीय परिवार वाले इस कॉलोनी के निवासियों के लिए बारिश का मौसम किसी नासूर से कम नहीं होता. पक्की सड़क न होने के कारण जरा सी बारिश होते ही पूरे रास्ते में गहरा कीचड़ और गड्ढे उभर आते हैं. लोग इस कच्चे रास्ते पर कभी मिट्टी तो कभी गिट्टी डालकर काम चलाने को मजबूर हैं, लेकिन मानसून आते ही पुराने जख्म फिर हरे हो जाते हैं
विधायक ने दो बार किया भूमिपूजन, फिर भी काम ठप
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए दो बार भूमिपूजन हो चुका है. खुद क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने गैंती-फावड़ा चलाकर भूमिपूजन की रस्म निभाई थी, लेकिन काम उससे आगे नहीं बढ़ सका. नगर निगम में हर साल नियमित रूप से टैक्स जमा करने के बावजूद यहां के नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.
कीचड़ में धान रोपकर जताया अनोखा विरोध
सिस्टम और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से तंग आकर इस बार रहवासियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. गारे और कीचड़ में तब्दील हो चुकी सड़क पर लोगों ने धान रोपकर अपना गुस्सा जाहिर किया. निवासियों का दर्द है कि सड़क के दूसरी तरफ स्थित पॉश कॉलोनी में बार-बार पक्की सड़कें बनती और सुधरती हैं, लेकिन इस पार लोग बरसों से पक्की सड़क के सुख से महरूम हैं. बारिश में घर से बाहर निकलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है. फिलहाल, रहवासियों ने सड़क पर धान रोपकर प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी आवाज सुनी जाए और जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए.





