*अनुसूचित जाति वर्ग के स्वरोजगार हेतु प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित*
कवर्धा, जून 2026। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं एवं इच्छुक हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत बैंक माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के तहत विभिन्न स्वरोजगार एवं लघु उद्योग स्थापित करने के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराया जाता है तथा जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति द्वारा पात्र हितग्राहियों को अनुदान प्रदान किया जाता है। इस योजना में ऋण इकाई लागत की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। हितग्राही अपनी आवश्यकता एवं व्यवसाय के अनुसार ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के तहत किराना दुकान, बेकरी, भोजन निर्माण, चाट एवं नाश्ता केंद्र, चाय कैंटीन, कोचिंग क्लास, हेयर कटिंग सैलून एवं ब्यूटी पार्लर, योग प्रशिक्षण, लॉन्ड्री, घड़ी मरम्मत, विद्युत उपकरण सुधार, साइकिल एवं टू-व्हीलर रिपेयरिंग, गृह सज्जा, बागवानी एवं नर्सरी, पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, मसाला उद्योग, स्टेशनरी दुकान, सिलाई-कढ़ाई एवं बुनाई, मशरूम उत्पादन, डिटर्जेंट पाउडर निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, कृत्रिम आभूषण निर्माण, सॉफ्ट टॉयज निर्माण, लघु वनोपज एवं औषधीय उत्पाद निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक मोटर पंप एवं कम्प्यूटर हार्डवेयर मरम्मत, टाट-पट्टी एवं दरी बुनाई, रेडियो-टीवी रिपेयरिंग, काष्ठकला एवं फर्नीचर निर्माण, प्लास्टिक एवं बर्तन दुकान, फैंसी मनिहारी, स्टील फेब्रिकेशन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, फास्ट फूड सेंटर, एग्रोल सेंटर सहित अन्य विभिन्न लघु एवं स्वरोजगार आधारित व्यवसायों के लिए ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
योजना के अंतर्गत स्वीकृत ऋण पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। हालांकि ऋण राशि की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति ने पात्र अनुसूचित जाति वर्ग के इच्छुक आवेदकों से अपील की है कि वे शीघ्र कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कलेक्टोरेट भवन, कबीरधाम से आवेदन पत्र प्राप्त करें तथा पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेजों सहित कार्यालय में जमा करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके।





