यूपी में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी माहौल में गर्म होने लगा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरे प्रदेशों की पार्टियां भी अब यूपी में जमीन तलाशने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गई हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अब यूपी आने वाले हैं। लेकिन ओवैसी के दौरे से पहले एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के एक बयान के बाद से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शौकत अली के बयान को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी और ओवैसी को अपने नेताओं की भाषा को संयमित करने की नसीहत दे डाली।सोशल मीडिया एक्स एकाउंट पर की गई पोस्ट में ओपी राजभर ने लिखा, साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा। बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह भी याद दिला दीजिएगा कि यही वह भूमि है जहाँ चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर भारत की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की थी। अपने सिपहसालार को समझा दीजिएगा कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करें। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास के पन्नों में कभी सम्मान नहीं दिलाता।इतिहास साक्षी है कि जब चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के नेतृत्व में इस धरती के वीरों ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध शस्त्र उठाए थे, तब आक्रांताओं के अभिमान को भी धराशायी होना पड़ा था। इसलिए आप भी स्मरण रखिए और अपने साथी को भी संकेत दे दीजिए कि उत्तर प्रदेश की धरती अपने नायकों, अपने इतिहास और अपने स्वाभिमान का सम्मान करना जानती है।दरअसल एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने महाराजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि वह उन्हें राजा नहीं मानते, शौकत अली ने तर्क दिया था कि यदि वह राजा होते तो उनके शासनकाल से जुड़े कोई किले या अन्य ऐतिहासिक प्रमाण दिखाई देते
14 जून को बहराइच आएंगे ओवैसी
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की नजर उत्तर प्रदेश पर है। 14 जून को ओवैसी बहराइच आएंगे। यहां ओवैसी बड़ी रैली करेंगे। मटेरा विधानसभ क्षेत्र के शंकरपुर चौराहे के पास ओवैसी की जनसभा को आयोजन किया गया है। इससे पहले ओवैसी सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह पर जाकर जियारत करेंगे।





