महासमुंद। “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत जिले में आयोजित जनभागीदारी सप्ताह के प्रथम दिवस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत नंदनवार द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जनभागीदारी से निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए प्रत्येक घर में सोखता गड्ढा निर्माण कराने तथा ग्राम पंचायतों में उपयुक्त स्थलों पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित लघु संरचनाओं का निर्माण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन का कार्य नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी नंदनवार ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभागीदारी सप्ताह अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में जल संवर्धन हेतु विविध प्रकार की संरचनाओं का निर्माण जनसहभागिता से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के नियमित निर्माण कार्यों से पृथक होंगे।
उन्होंने सरपंच, पंच एवं जनप्रतिनिधियों से गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, चौपाल आयोजित कर जल संरक्षण पर चर्चा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को श्रमदान हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही गांव की आवश्यकता के अनुरूप जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत आगामी 27 मई तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 400 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी निर्मित संरचनाओं की पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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