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कहा- 50 हजार कर्मियों के लिए एसी घर, 1 लाख के लिए खाने की होगी व्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदाणी समूह के कर्मयोगियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समूह की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कर्मचारियों के योगदान की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।

विभिन्न क्षेत्रों में अदाणी समूह की उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने संबोधन में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित गंगा एक्सप्रेसवे को लोगों के जीवन को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल 12 जिलों और 500 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि माँ गंगा की तरह लोगों के जीवन को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक्सप्रेसवे विकास की नई धारा बनकर लगभग 8 करोड़ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मेरठ से प्रयागराज की यात्रा, जो पहले 10–11 घंटे में पूरी होती थी, अब घटकर लगभग 5–6 घंटे में पूरी हो सकेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आवश्यकता पड़ने पर इस एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट भी उतर सकते हैं, जो नए भारत की क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।ज्ञातव्य है कि अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड, जो अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का रोड्स बिजनेस है, ने इस परियोजना के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। कंपनी ने इस परियोजना में 464 किलोमीटर, यानी कुल एलाइनमेंट का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा विकसित किया। निर्माण के दौरान इस प्रोजेक्ट पर 12,000 से अधिक श्रमिक तैनात रहे।यह एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल पर आधारित यह परियोजना भारत की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक है। इस अवसर पर देश-विदेश के लाखों कर्मयोगियों ने उनका संबोधन सुना।उत्तर प्रदेश में लखनऊ एयरपोर्ट सहित अदाणी समूह की विभिन्न इकाइयों—अदाणी रोड बिजनेस, अदाणी पावर, अदाणी सीमेंट, अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, अदाणी डेटा सेंटर, अदाणी गैस, अदाणी ग्रीन एवं अदाणी फाउंडेशन—के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों से कार्यक्रम में सहभागिता की। लखनऊ, नोएडा, कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी, अमेठी और दादरी सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों ने इस संबोधन को सुना।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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