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आम फार्म खेमरी में इजरायल एम-13 की ग्राफ्टिंग, 42 किस्मों के एक लाख पौधे 20 हजार किसानों को बांटे

आम उत्कृष्टता केंद्र खेमरी में इजरायल एम-13 किस्म को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसकी कलम तैयार कर देश भर में सप्लाई किए जा रहे हैं। इसकी खासियत है कि यह पथरीली और पुअर मिट्टी में भी हो सकता है। इसलिए कम पानी इलाकों में इस किस्म की डिमांड है।

इजरायल की एम-13 के खेमरी में करीब 25 से 30 पेड़ हैं। जिनसे वैज्ञानिक पद्धति से मदर प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। इजरायल एम-13 का स्वाद में अन्य आमों की तरह ही है, लेकिन इसका उत्पादन किसी भी जलवायु में हो जाता है। करीब 44 हैक्टेयर में फैले मैंगो हब में 42 किस्मों के मदर प्लांट तैयार कर देशभर में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें अब तक देशभर के करीब 20 हजार किसानों को एक लाख पौधे बांटे जा चुके हैं।

खेमरी फार्म में 23 वैरायटी के आम पेड़ों पर लदे हैं और 18 वैरायटी के आम आगमी सीजन में तैयार हो जाएंगे। फार्म में आम्रपाली, मल्लिका, अरुणिका, केसर, नीलम, हापुस, पूसा अरुणिमा, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, तोतापुरी, सोनपुरी, रतना, अम्बिका, वनराज, सिंधु, निलेसान, रामकेला, पूसा श्रेष्ठ, पूसा लालिमा, प्रतिभा, बाम्बेग्रीन, पूसा पीतांबर जैसी प्रमुख वैरायटी के आम पेड़ों पर लदे हुए हैं।

वहीं जर्दालु, मालदह, स्वर्ण रेखा, फजली, हेमसागर, महमूद बहार, जवाहर, रानी पसंद, गुलाब ख़ास, सुंदर लंगड़ा, प्रमाशंकर, सुभाष, बंबई, सुकुल, हुन्नारा, जर्वा, सबोरन और सुंदर प्रसाद के जल्द तैयार हो जाएंगे। नींबू, अमरूद, करौंदा, बिल्वपत्र, आंवला, सीताफल, कटहल, जामुन और पपीता जैसे फलों के उन्नत पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

^आम उत्कृष्टता केंद्र में इस समय 42 किस्मों के पेड़ हैं, जिसमें 25 वैरायटी में फल उत्पादन हो रहा है। करीब एक लाख कलमी उन्नत किस्मों की पौधे किसानों को दे चुके हैं। अभी आम्रपालि, मलिका, दशहरी, अरुणिमा, अरुणिका, तोता पुरी, नीलम, बारहमासी आदि के पौधे तैयार के साथ उत्पादन भी हो रहा है, जो आम का उत्पादन ऑन द स्पॉट नीलामी होती है।

-कृष्ण कुमार, उपनिदेशक, आम उत्कृष्टता केंद्र, खेमरी

अमेरिका तक सप्लाई… सदाबहार किस्म का भी उत्पादन शुरू हो गया है, जिनकी मिठास अमेरिका तक पहुंची है। जिसमें ऑन द स्पॉट आमों की उन्नत किस्मों के उत्पादन की नीलामी हुई है, जो एक बाद यहां से खपत ठेकेदार ने अमेरिका भी भेजी। जिससे किसानों को सालभर आय के नए विकल्प मिल रहे हैं। केंद्र के कृषि पर्यवेक्षक गुड्डू ने बताया कि फार्म में लगे इन आमों का राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन ठेका दिया जाता है और ठेकेदार पेड़ों से आमों की तुड़ाई कराकर मप्र, उप्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली की मंडियों में भेज रहा है।


Manoj Mishra

Editor in Chief

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